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Kojagari Paurnima

Marathi

अन्य नाम: Sharad Purnima, Kojagiri Purnima

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Kojagari Paurnima
2026 Marathi तिथि

Kojagari Paurnima

Kojagari Paurnima के बारे में

कोजागरी पौर्णिमा आश्विन मास (सितंबर-अक्टूबर) की पूर्णिमा तिथि को पड़ती है। यह उस रात्रि के रूप में मनाई जाती है जब देवी लक्ष्मी पृथ्वी पर अवतरित होती हैं।

भक्त पूरी रात जागते हैं, खेल खेलते हैं और भक्ति गीत गाते हैं। 'कोजागरी' शब्द का अर्थ है 'कौन जाग रहा है?'

महाराष्ट्र में परिवार छतों या आँगन में एकत्र होकर चाँदनी का आनंद लेते हैं और देवी लक्ष्मी का आशीर्वाद माँगते हैं।

व्रत विधि और उपवास नियम

भक्त देवी लक्ष्मी का आशीर्वाद पाने के लिए पूरी रात जागते हैं।

चरणबद्ध उपवास प्रक्रिया:
  • पूरी रात जागें (कोजागरी)।
  • पारंपरिक खेल खेलें और भक्ति गीत गाएँ।
  • चंद्रमा को खीर अर्पित करें।
  • समृद्धि के लिए देवी लक्ष्मी का आशीर्वाद माँगें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

प्रश्न: कोजागरी क्या है?

कोजागरी का अर्थ है 'कौन जाग रहा है?'। इस रात्रि देवी लक्ष्मी पूछती हैं 'कौन जाग रहा है?' और जो जागकर उनकी कृपा प्राप्त करते हैं, उन्हें आशीर्वाद देती हैं।

प्रश्न: चंद्रमा को खीर क्यों अर्पित की जाती है?

शरद पूर्णिमा की पूर्ण चंद्रमा को खीर अर्पित करने से समृद्धि और अच्छे स्वास्थ्य की प्राप्ति होती है, ऐसी मान्यता है। माना जाता है कि चाँदनी में औषधीय गुण होते हैं।

टिप्पणी: सभी समय चयनित स्थान के स्थानीय समय में 24-घंटे प्रारूप में दर्शाए गए हैं, साथ में DST समायोजन (यदि लागू हो)।

आधी रात के बाद के समय के साथ अगले दिन की तारीख जोड़ी गई है। पंचांग में, एक दिन स्थानीय सूर्योदय से शुरू और समाप्त होता है।