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Krishna Janmashtami

Marathi

अन्य नाम: Janmashtami, Gokulashtami

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Krishna Janmashtami
2026 Marathi तिथि

Krishna Janmashtami

Krishna Janmashtami के बारे में

कृष्ण जन्माष्टमी भगवान कृष्ण के जन्म का उत्सव है। यह श्रावण मास (अगस्त-सितंबर) के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाई जाती है।

महाराष्ट्र में यह त्योहार अत्यंत उत्साह के साथ मनाया जाता है, विशेष रूप से प्रसिद्ध पंढरपुर और मुंबई की दही हांडी उत्सवों में।

भक्त व्रत रखते हैं, मध्यरात्रि में पूजा करते हैं और दही हांडी उत्सव में भाग लेते हैं।

व्रत विधि और उपवास नियम

जन्माष्टमी पर भक्त व्रत रखते हैं और मध्यरात्रि पूजा के बाद व्रत खोलते हैं।

संकल्प मंत्र

ॐ श्री कृष्णाय नमः, मैं प्रेम, ज्ञान और दिव्य सुरक्षा के लिए भगवान कृष्ण का आशीर्वाद माँगता हूँ।

चरणबद्ध उपवास प्रक्रिया:
  • सुबह जल्दी उठकर स्नान करें।
  • पूरे दिन व्रत रखें।
  • भगवान कृष्ण के जन्मोत्सव पर मध्यरात्रि पूजा करें।
  • मध्यरात्रि उत्सव के बाद व्रत खोलें।

पूजा सामग्री और अनुष्ठान चरण

आवश्यक पूजा सामग्री:
भगवान कृष्ण की मूर्ति या चित्रफूल और मालामाखन और मिठाइयाँबाँसुरी और मोरपंखकपूर और अगरबत्ती
पूजा प्रक्रिया:
  1. पूजा स्थल तैयार करें और भगवान कृष्ण की मूर्ति स्थापित करें।
  2. भगवान कृष्ण को माखन, मिठाइयाँ और फूल अर्पित करें।
  3. पारंपरिक भजनों के साथ मध्यरात्रि आरती करें।
  4. प्रसाद वितरित करें और दिव्य जन्मोत्सव मनाएँ।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

प्रश्न: दही हांडी क्या है?

दही हांडी एक पारंपरिक उत्सव है जिसमें दही और माखन से भरा मटका ऊँचाई पर लटकाया जाता है। युवक मानव पिरामिड बनाकर उस मटके को फोड़ते हैं।

टिप्पणी: सभी समय चयनित स्थान के स्थानीय समय में 24-घंटे प्रारूप में दर्शाए गए हैं, साथ में DST समायोजन (यदि लागू हो)।

आधी रात के बाद के समय के साथ अगले दिन की तारीख जोड़ी गई है। पंचांग में, एक दिन स्थानीय सूर्योदय से शुरू और समाप्त होता है।