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Mithuna Sankranti

Marathi

अन्य नाम: Mithuna Sankramana, Gemini Sankranti

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Mithuna Sankranti
2026 Marathi तिथि

Mithuna Sankranti

Mithuna Sankranti के बारे में

मिथुन संक्रांति सूर्य के मिथुन राशि में प्रवेश का प्रतीक है। यह 15 या 16 जून को पड़ती है।

श्रद्धालु उपवास रखते हैं और सूर्य देव की पूजा-अर्चना करते हैं। यह पर्व मानसून के मौसम के आरंभ का प्रतीक है।

महाराष्ट्र में विशेष पूजा की जाती है और श्रद्धालु सामूहिक उत्सव के लिए एकत्रित होते हैं।

व्रत विधि और उपवास नियम

मिथुन संक्रांति के दिन श्रद्धालु उपवास रखते हैं और सूर्य देव की पूजा करते हैं।

चरणबद्ध उपवास प्रक्रिया:
  • सुबह जल्दी उठकर स्नान करें।
  • उपवास रखें या सात्विक भोजन ग्रहण करें।
  • सूर्य देव को प्रार्थना और अर्घ्य अर्पित करें।
  • मंदिरों में जाएं और विशेष पूजा में भाग लें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

प्रश्न: मिथुन संक्रांति का क्या महत्व है?

मिथुन संक्रांति सूर्य के मिथुन राशि में प्रवेश और मानसून के मौसम के आरंभ का प्रतीक है। यह कृषि संबंधी तैयारियों से जुड़ी है।

टिप्पणी: सभी समय चयनित स्थान के स्थानीय समय में 24-घंटे प्रारूप में दर्शाए गए हैं, साथ में DST समायोजन (यदि लागू हो)।

आधी रात के बाद के समय के साथ अगले दिन की तारीख जोड़ी गई है। पंचांग में, एक दिन स्थानीय सूर्योदय से शुरू और समाप्त होता है।