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Narali Purnima

Marathi

अन्य नाम: Coconut Day, Narali Pournima

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Narali Purnima
2026 Marathi तिथि

Narali Purnima

Narali Purnima के बारे में

नारळी पौर्णिमा श्रावण (जुलाई-अगस्त) मास की पूर्णिमा तिथि को मनाई जाती है। यह पर्व मछुआरा समुदाय द्वारा मछली पकड़ने के मौसम की शुरुआत के रूप में मनाया जाता है।

श्रद्धालु समुद्र को नारियल अर्पित करते हैं और सुरक्षित तथा समृद्ध मछली पकड़ने के मौसम के लिए प्रार्थना करते हैं। यह पर्व मानसून के दौरान मछली पकड़ने पर लगी वर्जना के समाप्त होने का प्रतीक है।

महाराष्ट्र के तटीय क्षेत्रों में यह पर्व अत्यंत उत्साह के साथ मनाया जाता है। मंदिरों में विशेष अनुष्ठान होते हैं और मछुआरे दैवीय सुरक्षा के लिए प्रार्थना करते हैं।

व्रत विधि और उपवास नियम

नारळी पौर्णिमा पर सुरक्षित मछली पकड़ने के मौसम के लिए समुद्र को नारियल अर्पित किया जाता है।

चरणबद्ध उपवास प्रक्रिया:
  • समुद्र तट या किसी जलाशय पर जाएं।
  • प्रार्थना के साथ समुद्र को नारियल अर्पित करें।
  • दैवीय सुरक्षा के लिए पूजा करें।
  • प्रसाद वितरित करें और परिवार के साथ उत्सव मनाएं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

प्रश्न: समुद्र को नारियल क्यों अर्पित किया जाता है?

सुरक्षित और समृद्ध मछली पकड़ने के मौसम के लिए वरुण देव (समुद्र के देवता) का आशीर्वाद पाने हेतु नारियल अर्पित किया जाता है। नारियल पवित्रता और भक्ति का प्रतीक है।

टिप्पणी: सभी समय चयनित स्थान के स्थानीय समय में 24-घंटे प्रारूप में दर्शाए गए हैं, साथ में DST समायोजन (यदि लागू हो)।

आधी रात के बाद के समय के साथ अगले दिन की तारीख जोड़ी गई है। पंचांग में, एक दिन स्थानीय सूर्योदय से शुरू और समाप्त होता है।