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Nirjala Ekadashi

Marathi

अन्य नाम: Bhima Ekadashi, Waterless Ekadashi

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Nirjala Ekadashi
2026 Marathi तिथि

Nirjala Ekadashi

Nirjala Ekadashi के बारे में

निर्जला एकादशी ज्येष्ठ (मई-जून) मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को पड़ती है। यह बिना जल ग्रहण किए रखा जाने वाला सबसे कठोर एकादशी व्रत है।

श्रद्धालु 24 घंटे तक बिना जल के भी कठोर उपवास रखते हैं। माना जाता है कि यह व्रत सभी 25 एकादशियों का पुण्य प्रदान करता है।

महाराष्ट्र में गर्मी की तीव्रता इस व्रत को विशेष रूप से चुनौतीपूर्ण बना देती है। श्रद्धालुओं को घर के अंदर रहने की सलाह दी जाती है।

व्रत विधि और उपवास नियम

श्रद्धालु 24 घंटे तक बिना जल के पूर्ण उपवास रखते हैं।

संकल्प मंत्र

ॐ नमो नारायणाय। आध्यात्मिक मुक्ति के लिए बिना जल के यह निर्जला एकादशी व्रत रखा जाता है।

चरणबद्ध उपवास प्रक्रिया:
  • सुबह जल्दी उठकर स्नान करें।
  • 24 घंटे तक बिना अन्न और जल के पूर्ण उपवास रखें।
  • पूरा दिन प्रार्थना और ध्यान में व्यतीत करें।
  • अगले दिन जल और भोजन के साथ व्रत खोलें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

प्रश्न: इसे बिना जल के क्यों रखा जाता है?

कथा के अनुसार भीम आंशिक उपवास नहीं रख पाते थे। तब वेदव्यास जी ने उन्हें यह एकमात्र निर्जला व्रत सुझाया, जो अन्य सभी एकादशियों के संयुक्त पुण्य के समान माना जाता है।

टिप्पणी: सभी समय चयनित स्थान के स्थानीय समय में 24-घंटे प्रारूप में दर्शाए गए हैं, साथ में DST समायोजन (यदि लागू हो)।

आधी रात के बाद के समय के साथ अगले दिन की तारीख जोड़ी गई है। पंचांग में, एक दिन स्थानीय सूर्योदय से शुरू और समाप्त होता है।