Yogini Ekadashi
Marathiअन्य नाम: Ashadha Krishna Ekadashi

Yogini Ekadashi
Yogini Ekadashi के बारे में
योगिनी एकादशी आषाढ़ (जून-जुलाई) माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि (ग्यारहवें दिन) को पड़ती है। यह आध्यात्मिक शुद्धि के लिए भगवान विष्णु को समर्पित है।
भक्त पूरे दिन कठोर व्रत रखते हैं और भगवान विष्णु की आराधना करते हैं।
महाराष्ट्र में मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना होती है और भक्त सामूहिक प्रार्थना के लिए एकत्रित होते हैं।
व्रत विधि और उपवास नियम
भक्त शुद्धि के लिए कठोर व्रत रखते हैं और भगवान विष्णु की आराधना करते हैं।
ॐ नमो नारायणाय। शुद्धि और समस्त पापों के नाश के लिए यह योगिनी एकादशी व्रत रखा जाता है।
- सुबह जल्दी उठकर स्नान करें।
- कठोर व्रत रखें — केवल जल ग्रहण करने की अनुमति है।
- फूल, फल और मंत्रों के साथ भगवान विष्णु की पूजा करें।
- अगले दिन प्रातःकालीन प्रार्थना के बाद व्रत खोलें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
माना जाता है कि योगिनी एकादशी आत्मा को शुद्ध करती है और पापों के प्रभाव को दूर करती है। यह आध्यात्मिक नवीनीकरण का एक शक्तिशाली दिन है।
टिप्पणी: सभी समय चयनित स्थान के स्थानीय समय में 24-घंटे प्रारूप में दर्शाए गए हैं, साथ में DST समायोजन (यदि लागू हो)।
आधी रात के बाद के समय के साथ अगले दिन की तारीख जोड़ी गई है। पंचांग में, एक दिन स्थानीय सूर्योदय से शुरू और समाप्त होता है।
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