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Baishakh Sankranti

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Baishakh Sankranti
2026 Nepali तिथि

Baishakh Sankranti

Baishakh Sankranti के बारे में

बैशाख संक्रांति नेपाली पंचांग में सूर्य के मेष राशि में प्रवेश का प्रतीक है। यह पवित्र स्नान, दान और आध्यात्मिक साधना के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है।

श्रद्धालु प्रातःकाल नदियों और तालाबों में स्नान करते हैं तथा स्वास्थ्य एवं समृद्धि के लिए सूर्य देव की पूजा-अर्चना करते हैं।

इस सौर संक्रमण के अवसर पर विष्णु मंदिरों में विशेष पूजा की जाती है और परिवार मिलकर पारंपरिक भोजन ग्रहण करते हैं।

व्रत विधि और उपवास नियम

श्रद्धालु सौर संक्रमण के अवसर पर पवित्र स्नान करते हैं और हल्का व्रत रखते हैं।

चरणबद्ध उपवास प्रक्रिया:
  • सूर्योदय से पहले जागकर पवित्र स्नान करें।
  • जल और पुष्प अर्पित कर सूर्य देव की पूजा करें।
  • नए कार्यों एवं निर्माण कार्य का शुभारंभ करें।
  • परिवार के साथ उत्सव का भोजन साझा करें।

पारण (उपवास तोड़ने) संबंधी टिप्पणी: प्रातःकालीन पूजा और पवित्र स्नान के पश्चात व्रत खोला जाता है।

पूजा सामग्री और अनुष्ठान चरण

आवश्यक पूजा सामग्री:
सूर्य पूजा के लिए जलपुष्प और मालाचावल और कुमकुमफल और मिठाई
पूजा प्रक्रिया:
  1. सूर्योदय से पहले पवित्र स्नान करें।
  2. उगते सूर्य को जल अर्पित करें।
  3. पुष्प और धूप के साथ विष्णु पूजा करें।
  4. परिवार के सदस्यों के साथ प्रसाद बांटें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

प्रश्न: बैशाख संक्रांति का क्या महत्व है?

यह सूर्य के मेष राशि में प्रवेश और नए सौर मास के आरंभ का प्रतीक है, जिसे आध्यात्मिक साधना के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है।

टिप्पणी: सभी समय चयनित स्थान के स्थानीय समय में 24-घंटे प्रारूप में दर्शाए गए हैं, साथ में DST समायोजन (यदि लागू हो)।

आधी रात के बाद के समय के साथ अगले दिन की तारीख जोड़ी गई है। पंचांग में, एक दिन स्थानीय सूर्योदय से शुरू और समाप्त होता है।