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Gobardhan Pooja

Nepali

अन्य नाम: Govardhan Puja, Annakut

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Gobardhan Pooja
2026 Nepali तिथि

Gobardhan Pooja

Gobardhan Pooja के बारे में

गोवर्धन पूजा कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि (अक्टूबर-नवंबर) को, दीपावली के अगले दिन मनाई जाती है। यह भगवान कृष्ण द्वारा वृंदावन के ग्रामवासियों की रक्षा हेतु गोवर्धन पर्वत उठाए जाने की स्मृति में मनाई जाती है।

श्रद्धालु भगवान कृष्ण को अर्पित करने के लिए विभिन्न शाकाहारी व्यंजनों, मिठाइयों और फलों से युक्त भोजन का एक पर्वत (अन्नकूट) तैयार करते हैं।

यह पर्व प्रकृति के महत्व और उसके द्वारा प्रदान की जाने वाली दैवीय सुरक्षा पर बल देता है।

व्रत विधि और उपवास नियम

श्रद्धालु हल्का व्रत रखते हैं और अन्नकूट भोग तैयार करते हैं।

चरणबद्ध उपवास प्रक्रिया:
  • अन्नकूट भोग के लिए विभिन्न प्रकार के शाकाहारी व्यंजन तैयार करें।
  • घर और मंदिर की सफाई करके सजाएं।
  • भगवान कृष्ण की प्रार्थना के साथ गोवर्धन पूजा करें।
  • श्रद्धालुओं को अन्नकूट प्रसाद वितरित करें।

पारण (उपवास तोड़ने) संबंधी टिप्पणी: गोवर्धन पूजा के बाद अन्नकूट प्रसाद के साथ व्रत खोला जाता है।

पूजा सामग्री और अनुष्ठान चरण

आवश्यक पूजा सामग्री:
अन्नकूट के लिए विभिन्न शाकाहारी व्यंजनफूल और मालाएंमक्खन और दूधअगरबत्ती और कपूरभगवान कृष्ण की प्रतिमा या चित्र
पूजा प्रक्रिया:
  1. विभिन्न शाकाहारी व्यंजन और मिठाइयां तैयार करें।
  2. भोजन को पर्वत के आकार (अन्नकूट) में सजाएं।
  3. भगवान कृष्ण को प्रार्थना और भोग अर्पित करें।
  4. श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित करें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

प्रश्न: अन्नकूट क्या है?

अन्नकूट (भोजन का पर्वत) विभिन्न शाकाहारी व्यंजनों, मिठाइयों और फलों से युक्त भगवान कृष्ण को अर्पित किया जाने वाला एक भव्य भोग है।

टिप्पणी: सभी समय चयनित स्थान के स्थानीय समय में 24-घंटे प्रारूप में दर्शाए गए हैं, साथ में DST समायोजन (यदि लागू हो)।

आधी रात के बाद के समय के साथ अगले दिन की तारीख जोड़ी गई है। पंचांग में, एक दिन स्थानीय सूर्योदय से शुरू और समाप्त होता है।