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Hanuman Janmotsava

Nepali

अन्य नाम: Hanuman Jayanti

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Hanuman Janmotsava
2026 Nepali तिथि

Hanuman Janmotsava

Hanuman Janmotsava के बारे में

हनुमान जन्मोत्सव चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि (मार्च-अप्रैल) को भगवान राम के परम भक्त हनुमान जी के जन्म का उत्सव है।

हनुमान मंदिरों को फूलों और मालाओं से सजाया जाता है, और विशेष पूजा की जाती है। श्रद्धालु हनुमान चालीसा का पाठ करते हैं और हनुमान प्रतिमाओं पर सिंदूर अर्पित करते हैं।

यह पर्व हनुमान जी की अटूट भक्ति, अपार शक्ति और निःस्वार्थ सेवा का उत्सव है।

व्रत विधि और उपवास नियम

श्रद्धालु हल्का व्रत रखते हैं और विशेष हनुमान पूजा करते हैं।

चरणबद्ध उपवास प्रक्रिया:
  • भोर से पहले जागकर स्नान करें।
  • हनुमान चालीसा का 108 बार पाठ करें।
  • भगवान हनुमान को सिंदूर और प्रार्थना अर्पित करें।
  • श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित करें।

पारण (उपवास तोड़ने) संबंधी टिप्पणी: हनुमान पूजा के बाद प्रसाद के साथ व्रत खोला जाता है।

पूजा सामग्री और अनुष्ठान चरण

आवश्यक पूजा सामग्री:
सिंदूरफूल और मालाएंकेला और गुड़हनुमान चालीसा पुस्तकअगरबत्ती और कपूर
पूजा प्रक्रिया:
  1. हनुमान वेदी की सफाई करके सजाएं।
  2. हनुमान प्रतिमा पर सिंदूर लगाएं।
  3. फूल, केला और गुड़ अर्पित करें।
  4. हनुमान चालीसा का पाठ करें और आरती करें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

प्रश्न: हनुमान जी को सिंदूर क्यों अर्पित किया जाता है?

सिंदूर भक्ति और त्याग का प्रतीक है। कथा के अनुसार, हनुमान जी ने भगवान राम की दीर्घायु के लिए अपने पूरे शरीर पर सिंदूर लगाया था।

टिप्पणी: सभी समय चयनित स्थान के स्थानीय समय में 24-घंटे प्रारूप में दर्शाए गए हैं, साथ में DST समायोजन (यदि लागू हो)।

आधी रात के बाद के समय के साथ अगले दिन की तारीख जोड़ी गई है। पंचांग में, एक दिन स्थानीय सूर्योदय से शुरू और समाप्त होता है।