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Hari Parivartan Ekadashi

Nepali

अन्य नाम: Pandava Ekadashi

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2026 Nepali तिथि

Hari Parivartan Ekadashi

Hari Parivartan Ekadashi के बारे में

हरि-परिवर्तन एकादशी कार्तिक (अक्टूबर-नवंबर) मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को पड़ती है। यह भगवान विष्णु को समर्पित है और आध्यात्मिक परिवर्तन एवं नवीनीकरण के लिए मनाई जाती है।

पद्म पुराण के अनुसार, इस एकादशी का व्रत करने से आत्मा शुद्ध होती है और भक्त भगवान विष्णु के निकट पहुँचता है। जो लोग नई शुरुआत की कामना करते हैं, उनके लिए यह विशेष रूप से शक्तिशाली माना जाता है।

भक्त कठोर उपवास रखते हैं, विष्णु मंत्रों का जाप करते हैं और पूरा दिन प्रार्थना तथा ध्यान में बिताते हैं।

व्रत विधि और उपवास नियम

आदर्श रूप से अन्न-जल रहित कठोर व्रत रखा जाता है।

चरणबद्ध उपवास प्रक्रिया:
  • ब्रह्म मुहूर्त में स्नान करें।
  • विष्णु सहस्रनाम का जाप करें और प्रार्थना करें।
  • ब्रह्मचर्य का पालन करें और नकारात्मक विचारों से बचें।
  • पूरा दिन प्रार्थना और ध्यान में बिताएँ।

पारण (उपवास तोड़ने) संबंधी टिप्पणी: द्वादशी तिथि को ब्राह्मणों को भोजन कराने के बाद व्रत खोला जाता है।

पूजा सामग्री और अनुष्ठान चरण

आवश्यक पूजा सामग्री:
भगवान विष्णु की मूर्ति या चित्रतुलसी के पत्तेपीले फूल और मालापंचामृतधूप और कपूर
पूजा प्रक्रिया:
  1. फूलों और तुलसी के पत्तों से विष्णु वेदी सजाएँ।
  2. भगवान विष्णु को पंचामृत और शुद्ध जल अर्पित करें।
  3. विष्णु सहस्रनाम का जाप करें और आरती करें।
  4. भक्तों में प्रसाद वितरित करें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

प्रश्न: हरि-परिवर्तन एकादशी का क्या महत्व है?

माना जाता है कि हरि-परिवर्तन एकादशी का व्रत करने से पाप नष्ट होते हैं, आध्यात्मिक शुद्धि प्राप्त होती है और मोक्ष मिलता है।

टिप्पणी: सभी समय चयनित स्थान के स्थानीय समय में 24-घंटे प्रारूप में दर्शाए गए हैं, साथ में DST समायोजन (यदि लागू हो)।

आधी रात के बाद के समय के साथ अगले दिन की तारीख जोड़ी गई है। पंचांग में, एक दिन स्थानीय सूर्योदय से शुरू और समाप्त होता है।