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Indira Ekadashi

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Indira Ekadashi
2026 Nepali तिथि

Indira Ekadashi

Indira Ekadashi के बारे में

इंदिरा एकादशी आश्विन (सितंबर-अक्टूबर) मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को पड़ती है और भगवान विष्णु को समर्पित है। यह पितृ पक्ष के दौरान पितरों की मुक्ति के लिए मनाई जाती है।

पद्म पुराण के अनुसार, इस एकादशी का व्रत करने से पितरों की आत्माएँ जन्म-मृत्यु के चक्र से मुक्त हो जाती हैं।

भक्त कठोर उपवास रखते हैं और अपने पूर्वजों की मुक्ति व आशीर्वाद के लिए विशेष पूजा करते हैं।

व्रत विधि और उपवास नियम

आदर्श रूप से अन्न-जल रहित कठोर व्रत रखा जाता है।

चरणबद्ध उपवास प्रक्रिया:
  • ब्रह्म मुहूर्त में स्नान करें।
  • विष्णु सहस्रनाम का जाप करें और प्रार्थना करें।
  • ब्रह्मचर्य का पालन करें और नकारात्मक विचारों से बचें।
  • पूरा दिन प्रार्थना और ध्यान में बिताएँ।

पारण (उपवास तोड़ने) संबंधी टिप्पणी: द्वादशी तिथि को ब्राह्मणों को भोजन कराने के बाद व्रत खोला जाता है।

पूजा सामग्री और अनुष्ठान चरण

आवश्यक पूजा सामग्री:
भगवान विष्णु की मूर्ति या चित्रतुलसी के पत्तेपीले फूल और मालापंचामृतधूप और कपूर
पूजा प्रक्रिया:
  1. फूलों और तुलसी के पत्तों से विष्णु वेदी सजाएँ।
  2. भगवान विष्णु को पंचामृत और शुद्ध जल अर्पित करें।
  3. विष्णु सहस्रनाम का जाप करें और आरती करें।
  4. भक्तों में प्रसाद वितरित करें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

प्रश्न: इस दिन पितृ पूजा का महत्व क्यों है?

पितृ पक्ष के दौरान पड़ने वाली इंदिरा एकादशी पितरों की आत्माओं को मुक्ति दिलाने के लिए विशेष रूप से शक्तिशाली मानी जाती है।

टिप्पणी: सभी समय चयनित स्थान के स्थानीय समय में 24-घंटे प्रारूप में दर्शाए गए हैं, साथ में DST समायोजन (यदि लागू हो)।

आधी रात के बाद के समय के साथ अगले दिन की तारीख जोड़ी गई है। पंचांग में, एक दिन स्थानीय सूर्योदय से शुरू और समाप्त होता है।