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Parasuram Jayenti

Nepali

अन्य नाम: Parashurama Jayanti

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Parasuram Jayenti
2026 Nepali तिथि

Parasuram Jayenti

Parasuram Jayenti के बारे में

परशुराम जयंती वैशाख मास (अप्रैल-मई) के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को भगवान विष्णु के छठे अवतार, भगवान परशुराम के जन्म का उत्सव मनाती है।

भगवान परशुराम अपने योद्धा स्वभाव और अत्याचारी क्षत्रिय शासकों का नाश कर धर्म की पुनर्स्थापना के मिशन के लिए जाने जाते हैं। वे सात चिरंजीवियों में से एक हैं।

भक्त व्रत रखते हैं, विशेष विष्णु पूजा करते हैं और भगवान परशुराम के जीवन की कथाओं का पाठ करते हैं।

व्रत विधि और उपवास नियम

भक्त हल्का व्रत रखते हैं और विशेष विष्णु पूजा करते हैं।

चरणबद्ध उपवास प्रक्रिया:
  • भोर से पहले पवित्र स्नान करें।
  • हल्का व्रत रखें या केवल सात्विक भोजन ग्रहण करें।
  • फूलों और भेंट सामग्री के साथ विष्णु पूजा करें।
  • भगवान परशुराम के जीवन की कथाओं का पाठ करें।

पारण (उपवास तोड़ने) संबंधी टिप्पणी: विष्णु पूजा के बाद प्रसाद के साथ व्रत खोला जाता है।

पूजा सामग्री और अनुष्ठान चरण

आवश्यक पूजा सामग्री:
भगवान विष्णु की प्रतिमा या चित्रफूल और मालाअस्त्र-शस्त्र (प्रतीकात्मक)फल और मिठाइयां
पूजा प्रक्रिया:
  1. फूलों और माला से विष्णु वेदी सजाएं।
  2. भगवान परशुराम को विष्णु के अवतार के रूप में प्रार्थना अर्पित करें।
  3. उनके जीवन और पराक्रम की कथाओं का पाठ करें।
  4. भक्तों में प्रसाद वितरित करें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

प्रश्न: भगवान परशुराम कौन हैं?

भगवान परशुराम भगवान विष्णु के छठे अवतार हैं, जो अपने योद्धा स्वभाव और धर्म की पुनर्स्थापना के मिशन के लिए जाने जाते हैं। वे सात चिरंजीवियों में से एक हैं।

टिप्पणी: सभी समय चयनित स्थान के स्थानीय समय में 24-घंटे प्रारूप में दर्शाए गए हैं, साथ में DST समायोजन (यदि लागू हो)।

आधी रात के बाद के समय के साथ अगले दिन की तारीख जोड़ी गई है। पंचांग में, एक दिन स्थानीय सूर्योदय से शुरू और समाप्त होता है।