Radhastami
Nepaliअन्य नाम: Radha Jayanti

Radhastami
Radhastami के बारे में
राधाष्टमी भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को भगवान कृष्ण की प्रिय सहचरी देवी राधा के जन्म का उत्सव है।
देवी राधा को भक्ति की परम देवी और दिव्य प्रेम का साक्षात रूप माना जाता है।
श्रद्धालु पूरे दिन व्रत रखते हैं, राधा-कृष्ण मंत्रों का जाप करते हैं और विशेष पूजा करते हैं।
व्रत विधि और उपवास नियम
श्रद्धालु हल्का व्रत रखते हैं और राधा-कृष्ण की पूजा करते हैं।
- सूर्योदय से पहले धार्मिक स्नान करें।
- हल्का व्रत रखें या केवल फल और दूध ग्रहण करें।
- फूलों और भेंट सामग्री के साथ राधा-कृष्ण पूजा करें।
- पूरे दिन राधा-कृष्ण मंत्रों का जाप करें।
पारण (उपवास तोड़ने) संबंधी टिप्पणी: संध्याकालीन राधा-कृष्ण पूजा और प्रसाद के बाद व्रत खोला जाता है।
पूजा सामग्री और अनुष्ठान चरण
- फूलों और मालाओं से राधा-कृष्ण की वेदी सजाएँ।
- मक्खन, दूध और अन्य प्रिय भोग अर्पित करें।
- भक्तिपूर्वक राधा-कृष्ण मंत्रों का जाप करें।
- आरती करें और प्रसाद वितरित करें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
देवी राधा भगवान कृष्ण की प्रिय सहचरी हैं और दिव्य प्रेम एवं भक्ति की साक्षात प्रतिमूर्ति हैं।
टिप्पणी: सभी समय चयनित स्थान के स्थानीय समय में 24-घंटे प्रारूप में दर्शाए गए हैं, साथ में DST समायोजन (यदि लागू हो)।
आधी रात के बाद के समय के साथ अगले दिन की तारीख जोड़ी गई है। पंचांग में, एक दिन स्थानीय सूर्योदय से शुरू और समाप्त होता है।
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