मुख्य सामग्री पर जाएँ
Yoga Panchang
लॉग इन करें

Sita Jayanti

Nepali

अन्य नाम: Sita Navami

कैलेंडर वर्ष चुनें
Sita Jayanti
2026 Nepali तिथि

Sita Jayanti

Sita Jayanti के बारे में

सीता जयंती वैशाख (अप्रैल-मई) के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को देवी सीता के जन्म के उपलक्ष्य में मनाई जाती है, जो भगवान राम की दिव्य अर्धांगिनी और देवी लक्ष्मी का अवतार हैं।

देवी सीता को हिंदू परंपरा में पातिव्रत्य, शक्ति और त्याग के आदर्श के रूप में पूजा जाता है।

भक्त व्रत रखते हैं, रामायण का पाठ करते हैं और राम-सीता मंदिरों में विशेष पूजा करते हैं।

व्रत विधि और उपवास नियम

भक्त हल्का व्रत रखते हैं और विशेष सीता-राम पूजा करते हैं।

चरणबद्ध उपवास प्रक्रिया:
  • सूर्योदय से पहले स्नान करें।
  • हल्का व्रत रखें या केवल सात्विक भोजन करें।
  • रामायण का पाठ करें और देवी सीता की आराधना करें।
  • विशेष पूजा के लिए मंदिरों में दर्शन करें।

पारण (उपवास तोड़ने) संबंधी टिप्पणी: सीता-राम पूजा के पश्चात प्रसाद ग्रहण कर व्रत का पारण किया जाता है।

पूजा सामग्री और अनुष्ठान चरण

आवश्यक पूजा सामग्री:
सीता-राम की मूर्ति या चित्रफूल और मालारामायण ग्रंथफल और मिठाइयां
पूजा प्रक्रिया:
  1. फूलों और मालाओं के साथ सीता-राम वेदी सजाएं।
  2. प्रार्थना करें और रामायण के श्लोकों का पाठ करें।
  3. श्रद्धापूर्वक आरती करें।
  4. भक्तों में प्रसाद वितरित करें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

प्रश्न: देवी सीता कौन हैं?

देवी सीता भगवान राम की दिव्य अर्धांगिनी, देवी लक्ष्मी की अवतार और पातिव्रत्य तथा शक्ति की आदर्श प्रतीक हैं।

टिप्पणी: सभी समय चयनित स्थान के स्थानीय समय में 24-घंटे प्रारूप में दर्शाए गए हैं, साथ में DST समायोजन (यदि लागू हो)।

आधी रात के बाद के समय के साथ अगले दिन की तारीख जोड़ी गई है। पंचांग में, एक दिन स्थानीय सूर्योदय से शुरू और समाप्त होता है।