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Yogini Ekadashi

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Yogini Ekadashi
2026 Nepali तिथि

Yogini Ekadashi

Yogini Ekadashi के बारे में

योगिनी एकादशी आषाढ़ (जून-जुलाई) के किसी पक्ष की एकादशी तिथि को पड़ती है। यह भगवान विष्णु को समर्पित है और उनका दिव्य आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए मनाई जाती है।

पद्म पुराण के अनुसार, इस एकादशी का व्रत रखने से भक्त पापों से मुक्त होते हैं और उन्हें आध्यात्मिक पुण्य तथा मोक्ष प्राप्त होता है।

भक्त कठोर व्रत रखते हैं, विष्णु मंत्रों का जाप करते हैं और पूरा दिन प्रार्थना तथा ध्यान में व्यतीत करते हैं। विष्णु मंदिरों में विशेष पूजा की जाती है।

व्रत विधि और उपवास नियम

आदर्श रूप से अन्न-जल रहित कठोर व्रत रखा जाता है।

चरणबद्ध उपवास प्रक्रिया:
  • सूर्योदय से पहले स्नान करें।
  • विष्णु सहस्रनाम का जाप करें और प्रार्थना करें।
  • ब्रह्मचर्य का पालन करें और नकारात्मक विचारों से बचें।
  • पूरा दिन प्रार्थना और ध्यान में व्यतीत करें।

पारण (उपवास तोड़ने) संबंधी टिप्पणी: द्वादशी को ब्राह्मणों को भोजन कराने के बाद व्रत का पारण किया जाता है।

पूजा सामग्री और अनुष्ठान चरण

आवश्यक पूजा सामग्री:
भगवान विष्णु की मूर्ति या चित्रतुलसी पत्तेपीले फूल और मालापंचामृतधूप और कपूर
पूजा प्रक्रिया:
  1. फूलों और तुलसी पत्तों के साथ विष्णु वेदी सजाएं।
  2. भगवान विष्णु को पंचामृत और पवित्र जल अर्पित करें।
  3. विष्णु सहस्रनाम का जाप करें और आरती करें।
  4. भक्तों में प्रसाद वितरित करें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

प्रश्न: योगिनी एकादशी का क्या महत्व है?

माना जाता है कि योगिनी एकादशी का व्रत रखने से पापों का नाश होता है, आध्यात्मिक शुद्धि प्राप्त होती है और मोक्ष की प्राप्ति होती है।

टिप्पणी: सभी समय चयनित स्थान के स्थानीय समय में 24-घंटे प्रारूप में दर्शाए गए हैं, साथ में DST समायोजन (यदि लागू हो)।

आधी रात के बाद के समय के साथ अगले दिन की तारीख जोड़ी गई है। पंचांग में, एक दिन स्थानीय सूर्योदय से शुरू और समाप्त होता है।