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Garbhana Sankranti

Odia

अन्य नाम: Kumbha Sankranti

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Garbhana Sankranti
2026 Odia तिथि

Garbhana Sankranti

Garbhana Sankranti के बारे में

गर्भण संक्रांति मध्य फरवरी में सूर्य के कुंभ राशि में प्रवेश का प्रतीक है। ओडिशा में इसे पारंपरिक अनुष्ठानों और प्रार्थनाओं के साथ मनाया जाता है।

यह दिन जल की पूजा और नए जीवन के पोषण से जुड़ा है। भक्त पवित्र स्नान करते हैं और प्रार्थना अर्पित करते हैं।

ओडिशा में यह पर्व व्रत, मंदिर दर्शन और तिल व गुड़ से बनी पारंपरिक मिठाइयों की तैयारी के साथ मनाया जाता है।

यह पर्व शीत ऋतु से वसंत ऋतु में संक्रमण का प्रतीक है, जब प्रकृति जागृत होना शुरू करती है।

व्रत विधि और उपवास नियम

भक्त व्रत रखते हैं और सूर्य पूजा करते हैं।

चरणबद्ध उपवास प्रक्रिया:
  • सुबह-सवेरे पवित्र स्नान करें।
  • सूर्य देव की पूजा करें।
  • तिल से बनी मिठाइयाँ तैयार करें।
  • प्रसाद के साथ व्रत खोलें।

पारण (उपवास तोड़ने) संबंधी टिप्पणी: पूजा के बाद तिल से बनी मिठाइयों के साथ व्रत खोला जाता है।

पूजा सामग्री और अनुष्ठान चरण

आवश्यक पूजा सामग्री:
सूर्य अर्पण के लिए जलतिल और गुड़फूल और धूपमिट्टी के दीपक
पूजा प्रक्रिया:
  1. सूर्योदय से पहले जागें और पवित्र स्नान करें।
  2. उगते सूर्य को जल और फूल अर्पित करें।
  3. तिल और गुड़ की मिठाइयाँ तैयार करें।
  4. अगरबत्ती और मिट्टी के दीपक जलाएं।
  5. परिवार में प्रसाद बांटें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

प्रश्न: गर्भण संक्रांति क्यों मनाई जाती है?

यह सूर्य के कुंभ राशि में प्रवेश का प्रतीक है, जिसे ओडिशा में पारंपरिक अनुष्ठानों, सूर्य पूजा और तिल से बनी मिठाइयों के साथ मनाया जाता है।

टिप्पणी: सभी समय चयनित स्थान के स्थानीय समय में 24-घंटे प्रारूप में दर्शाए गए हैं, साथ में DST समायोजन (यदि लागू हो)।

आधी रात के बाद के समय के साथ अगले दिन की तारीख जोड़ी गई है। पंचांग में, एक दिन स्थानीय सूर्योदय से शुरू और समाप्त होता है।