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Rath Yatra

Odia

अन्य नाम: Jagannath Rath Yatra, Car Festival, Ratha Jatra

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Rath Yatra
2026 Odia तिथि

Rath Yatra

Rath Yatra के बारे में

रथ यात्रा, भगवान जगन्नाथ का भव्य रथ महोत्सव, ओडिशा का सबसे शानदार पर्व है, जो आषाढ़ माह (जून-जुलाई) के दौरान पुरी में मनाया जाता है। यह विश्व के सबसे प्राचीन और सबसे बड़े रथ उत्सवों में से एक है।

जगन्नाथ (नंदीघोष -- 16 पहिए), बलभद्र (तालध्वज -- 14 पहिए) और सुभद्रा (दर्पदलन -- 12 पहिए) की मूर्तियों को ले जाने वाले विशाल लकड़ी के रथों को हज़ारों जयकारा लगाते श्रद्धालु बड़ा डांडा से खींचते हैं।

यह पर्व भगवान कृष्ण की कुरुक्षेत्र यात्रा की स्मृति में मनाया जाता है और अपने भक्तों के प्रति भगवान की दिव्य यात्रा का प्रतीक है। देवताओं को जगन्नाथ मंदिर से गुंडिचा मंदिर ले जाया जाता है, जहाँ वे सात दिनों तक विराजमान रहते हैं, उसके बाद वापस लौटते हैं।

पुरी की रथ यात्रा अद्वितीय भव्यता के साथ मनाई जाती है। रथ खींचना परम भक्ति का कार्य माना जाता है। वापसी यात्रा (बाहुड़ा यात्रा) और मौसीमा का प्रसंग पर्व की समृद्ध कथा-परंपरा को और बढ़ाते हैं।

व्रत विधि और उपवास नियम

श्रद्धालु रथ यात्रा के दिन व्रत रखते हैं और देवताओं के गुंडिचा मंदिर पहुँचने के बाद उसे तोड़ते हैं।

चरणबद्ध उपवास प्रक्रिया:
  • रथों के गंतव्य तक पहुँचने तक व्रत रखें।
  • भक्ति के कार्य के रूप में रथ खींचने में भाग लें।
  • पूरे दिन 'जय जगन्नाथ' का जाप करें।
  • गुंडिचा मंदिर में महाप्रसाद ग्रहण करें।

पारण (उपवास तोड़ने) संबंधी टिप्पणी: देवताओं के गुंडिचा मंदिर में विराजमान होने के बाद महाप्रसाद के साथ व्रत तोड़ा जाता है।

पूजा सामग्री और अनुष्ठान चरण

आवश्यक पूजा सामग्री:
फूल और मालाअगरबत्ती और मिट्टी के दीयेप्रसाद सामग्री (खिचुड़ी, सब्जियाँ)शंख और घंटीमिठाइयाँ और फल
पूजा प्रक्रिया:
  1. प्रातःकाल जल्दी जगन्नाथ मंदिर के दर्शन करें।
  2. देवताओं के अनुष्ठानिक स्नान और श्रृंगार के साक्षी बनें।
  3. बड़ा डांडा में रथ खींचने में भाग लें।
  4. गुंडिचा मंदिर में प्रार्थना करें।
  5. महाप्रसाद ग्रहण करें और घर लौटें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

प्रश्न: रथ यात्रा में रथ कितने बड़े होते हैं?

जगन्नाथ का रथ (नंदीघोष) लगभग 45 फुट ऊँचा है और इसमें 16 पहिए हैं, बलभद्र के रथ (तालध्वज) में 14 पहिए हैं, और सुभद्रा के रथ (दर्पदलन) में 12 पहिए हैं।

प्रश्न: रथ खींचने का क्या महत्व है?

रथ खींचना भक्ति और समर्पण का कार्य माना जाता है, जो भगवान को अपने हृदय और घर में लाने की भक्त की इच्छा का प्रतीक है।

टिप्पणी: सभी समय चयनित स्थान के स्थानीय समय में 24-घंटे प्रारूप में दर्शाए गए हैं, साथ में DST समायोजन (यदि लागू हो)।

आधी रात के बाद के समय के साथ अगले दिन की तारीख जोड़ी गई है। पंचांग में, एक दिन स्थानीय सूर्योदय से शुरू और समाप्त होता है।