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Andal Jayanthi

Tamil

अन्य नाम: Andal Birthday, Margazhi Pooram

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Andal Jayanthi
2026 Tamil तिथि

Andal Jayanthi

Andal Jayanthi के बारे में

आंडाल जयंती श्री वैष्णव परंपरा की एकमात्र महिला आलवार संत देवी आंडाल के जन्म का उत्सव है। यह तमिल महीने मार्गशीर्ष (दिसंबर-जनवरी) के पूरम नक्षत्र पर पड़ती है।

भक्त उपवास रखते हैं और आंडाल के पवित्र स्तोत्र तिरुप्पावई का पाठ करते हैं। मंदिरों को सुंदर ढंग से सजाया जाता है और विशेष पूजा की जाती है।

तमिलनाडु में यह पर्व श्रीविल्लिपुत्तूर के आंडाल मंदिर में अत्यंत भक्तिभाव से मनाया जाता है। महिलाएं वैवाहिक सुख और पारिवारिक समृद्धि की कामना से विशेष पूजा करती हैं।

व्रत विधि और उपवास नियम

भक्त आंडाल जयंती पर उपवास रखते हैं और तिरुप्पावई का पाठ करते हैं।

चरणबद्ध उपवास प्रक्रिया:
  • सुबह जल्दी उठकर पवित्र स्नान करें।
  • पूरे दिन उपवास रखें।
  • तिरुप्पावई और आंडाल के पवित्र स्तोत्रों का पाठ करें।
  • आंडाल मंदिरों में जाएं और विशेष पूजा में भाग लें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

प्रश्न: आंडाल कौन थीं?

आंडाल 9वीं शताब्दी की तमिल कवयित्री-संत थीं जिन्होंने तिरुप्पावई की रचना की, जो भगवान विष्णु को समर्पित 30 स्तोत्रों का संग्रह है। उन्हें देवी लक्ष्मी का अवतार माना जाता है।

प्रश्न: तिरुप्पावई क्या है?

तिरुप्पावई आंडाल द्वारा रचित 30 स्तोत्रों का संग्रह है, जो भगवान विष्णु को पति रूप में पाने के लिए युवतियों द्वारा किए गए व्रत का वर्णन करता है। इसका पाठ मार्गशीर्ष माह में किया जाता है।

टिप्पणी: सभी समय चयनित स्थान के स्थानीय समय में 24-घंटे प्रारूप में दर्शाए गए हैं, साथ में DST समायोजन (यदि लागू हो)।

आधी रात के बाद के समय के साथ अगले दिन की तारीख जोड़ी गई है। पंचांग में, एक दिन स्थानीय सूर्योदय से शुरू और समाप्त होता है।