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Mokshada Ekadashi

Telugu

अन्य नाम: Vaishnava Ekadashi, Gita Jayanti

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Mokshada Ekadashi
2026 Telugu तिथि

Mokshada Ekadashi

Mokshada Ekadashi के बारे में

मोक्षदा एकादशी मार्गशीर्ष माह (नवंबर-दिसंबर) के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को पड़ती है। इसी दिन भगवान कृष्ण ने अर्जुन को भगवद्गीता का उपदेश दिया था।

भक्त कठोर उपवास रखते हैं और भगवान विष्णु की आराधना करते हैं। माना जाता है कि यह व्रत मोक्ष (जन्म-मृत्यु के चक्र से मुक्ति) प्रदान करता है।

आंध्र प्रदेश में मंदिरों में गीता जयंती के अवसर पर विशेष उत्सव आयोजित किए जाते हैं। भक्त भगवद्गीता का पाठ करते हैं और आध्यात्मिक प्रवचनों में भाग लेते हैं।

व्रत विधि और उपवास नियम

भक्त कठोर उपवास रखते हैं और गीता जयंती मनाते हुए भगवान विष्णु की आराधना करते हैं।

संकल्प मंत्र

ॐ नमो नारायणाय, मैं मुक्ति और आध्यात्मिक ज्ञान की प्राप्ति के लिए यह मोक्षदा एकादशी व्रत करता/करती हूँ।

चरणबद्ध उपवास प्रक्रिया:
  • सुबह जल्दी उठें और स्नान करें।
  • पूरे दिन कठोर उपवास रखें।
  • भगवद्गीता का पाठ करें और भगवान विष्णु की पूजा करें।
  • अगले दिन प्रातः प्रार्थना के बाद व्रत खोलें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

प्रश्न: मोक्षदा एकादशी और भगवद्गीता के बीच क्या संबंध है?

परंपरा के अनुसार, भगवान कृष्ण ने इसी दिन अर्जुन को भगवद्गीता का उपदेश दिया था। इस एकादशी को गीता जयंती के रूप में भी मनाया जाता है, जो इस पावन शास्त्र के प्रकटन का प्रतीक है।

टिप्पणी: सभी समय चयनित स्थान के स्थानीय समय में 24-घंटे प्रारूप में दर्शाए गए हैं, साथ में DST समायोजन (यदि लागू हो)।

आधी रात के बाद के समय के साथ अगले दिन की तारीख जोड़ी गई है। पंचांग में, एक दिन स्थानीय सूर्योदय से शुरू और समाप्त होता है।