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Nirjala Ekadashi

Telugu

अन्य नाम: Bhima Ekadashi, Waterless Ekadashi

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Nirjala Ekadashi
2026 Telugu तिथि

Nirjala Ekadashi

Nirjala Ekadashi के बारे में

निर्जला एकादशी ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को पड़ती है। यह सबसे कठोर एकादशी व्रत है, जिसमें जल भी ग्रहण नहीं किया जाता (निर्जला = बिना जल के)।

भक्त 24 घंटे बिना जल के कठोर व्रत रखते हैं। इस व्रत से वर्ष भर की सभी 25 एकादशियों के बराबर पुण्य मिलने की मान्यता है।

आंध्र प्रदेश में गर्मी की तपिश इस व्रत को विशेष रूप से चुनौतीपूर्ण बना देती है। भक्तों को घर के भीतर रहकर आध्यात्मिक साधना पर ध्यान केंद्रित करने की सलाह दी जाती है।

व्रत विधि और उपवास नियम

भक्त 24 घंटे बिना जल के पूर्ण व्रत रखते हैं — यह सबसे कठोर एकादशी व्रत है।

संकल्प मंत्र

ॐ नमो नारायणाय। यह निर्जला एकादशी व्रत बिना जल के, समस्त पापों के निवारण और आध्यात्मिक मुक्ति हेतु रखा जाता है।

चरणबद्ध उपवास प्रक्रिया:
  • प्रातः जल्दी उठें और स्नान करें।
  • 24 घंटे बिना अन्न-जल के पूर्ण व्रत रखें।
  • पूरे दिन प्रार्थना और ध्यान में व्यतीत करें।
  • अगले दिन जल और भोजन के साथ व्रत खोलें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

प्रश्न: निर्जला एकादशी बिना जल के क्यों रखी जाती है?

किंवदंती के अनुसार, भीम (पांडव) अपनी अत्यधिक भूख के कारण आंशिक व्रत नहीं रख पाते थे। महर्षि वेदव्यास ने उन्हें यह एक निर्जल व्रत सुझाया, जो अन्य सभी एकादशियों के संयुक्त पुण्य के समान है।

प्रश्न: क्या निर्जला एकादशी सभी लोग रख सकते हैं?

यह अत्यंत कठोर व्रत है और इसे केवल स्वस्थ व्यक्तियों को ही रखना चाहिए। बच्चों, वृद्धों, गर्भवती महिलाओं तथा स्वास्थ्य समस्याओं से ग्रस्त लोगों को इसका सरल रूप अपनाना चाहिए।

टिप्पणी: सभी समय चयनित स्थान के स्थानीय समय में 24-घंटे प्रारूप में दर्शाए गए हैं, साथ में DST समायोजन (यदि लागू हो)।

आधी रात के बाद के समय के साथ अगले दिन की तारीख जोड़ी गई है। पंचांग में, एक दिन स्थानीय सूर्योदय से शुरू और समाप्त होता है।