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Ravi Pradosh Vrat

Telugu

अन्य नाम: Ravi Pradosh, Sunday Pradosh

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Ravi Pradosh Vrat
2026 Telugu तिथि

Ravi Pradosh Vrat

Ravi Pradosh Vrat के बारे में

रवि प्रदोष व्रत तब रखा जाता है जब प्रदोष व्रत रविवार (सूर्य के दिन) को पड़ता है। यह भगवान शिव और सूर्य देव दोनों को समर्पित है।

भक्त व्रत रखते हैं और शिव मंदिरों में सायंकालीन प्रार्थना करते हैं। इस दिन सूर्य की आराधना से जीवनशक्ति, स्वास्थ्य और नेतृत्व-गुणों में वृद्धि होने की मान्यता है।

प्रदोष और सूर्य पूजा का यह संयोजन ऊर्जा, आत्मविश्वास और दिव्य तेज की कामना करने वालों के लिए एक शक्तिशाली व्रत बनाता है।

व्रत विधि और उपवास नियम

भक्त व्रत रखते हैं और प्रदोष काल में शिव-सूर्य की संयुक्त आराधना करते हैं।

संकल्प मंत्र

ॐ नमः शिवाय, ॐ सूर्याय नमः। जीवनशक्ति और दिव्य तेज हेतु भगवान शिव तथा सूर्य देव का आशीर्वाद माँगा जाता है।

चरणबद्ध उपवास प्रक्रिया:
  • प्रातः जल्दी उठें और स्नान करें।
  • पूरे दिन व्रत रखें।
  • प्रदोष काल (सायं संध्या) में शिव मंदिरों के दर्शन करें।
  • भगवान शिव और सूर्य देव दोनों की आराधना करें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

प्रश्न: रविवार का प्रदोष विशेष क्यों माना जाता है?

जब प्रदोष रविवार को पड़ता है, तो शिव और सूर्य दोनों की आराधना संयुक्त आशीर्वाद प्रदान करती है। यह विशेष रूप से ऊर्जा, स्वास्थ्य और नेतृत्व-गुणों की कामना करने वालों के लिए लाभकारी है।

टिप्पणी: सभी समय चयनित स्थान के स्थानीय समय में 24-घंटे प्रारूप में दर्शाए गए हैं, साथ में DST समायोजन (यदि लागू हो)।

आधी रात के बाद के समय के साथ अगले दिन की तारीख जोड़ी गई है। पंचांग में, एक दिन स्थानीय सूर्योदय से शुरू और समाप्त होता है।