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Soma Pradosh Vrat

Telugu

अन्य नाम: Soma Pradosh, Monday Pradosh

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Soma Pradosh Vrat
2026 Telugu तिथि

Soma Pradosh Vrat

Soma Pradosh Vrat के बारे में

सोम प्रदोष तब मनाया जाता है जब प्रदोष व्रत सोमवार (चंद्रमा के दिन) को पड़ता है। यह भगवान शिव और चंद्रमा (सोम/चंद्र) दोनों को समर्पित है।

भक्त उपवास रखते हैं और शिव मंदिरों में संध्याकालीन पूजा करते हैं। इस दिन चंद्रमा की पूजा मानसिक शांति और भावनात्मक संतुलन प्रदान करने वाली मानी जाती है।

प्रदोष और सोम पूजा के इस संयोजन के कारण यह व्रत उन लोगों के लिए अत्यंत प्रभावशाली माना जाता है जो मानसिक शांति, भावनात्मक उपचार और दैवीय कृपा की कामना रखते हैं।

व्रत विधि और उपवास नियम

भक्त प्रदोष काल में उपवास रखते हैं और शिव-चंद्र की संयुक्त पूजा करते हैं।

संकल्प मंत्र

ॐ नमः शिवाय, ॐ सोमाय नमः, मैं मानसिक शांति और भावनात्मक संतुलन के लिए भगवान शिव और चंद्रमा का आशीर्वाद माँगता/माँगती हूँ।

चरणबद्ध उपवास प्रक्रिया:
  • प्रातः जल्दी उठकर स्नान करें।
  • पूरे दिन उपवास रखें।
  • प्रदोष काल (संध्या के समय) में शिव मंदिरों में दर्शन करें।
  • भगवान शिव और चंद्रमा दोनों की पूजा करें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

प्रश्न: सोमवार का प्रदोष विशेष क्यों माना जाता है?

जब प्रदोष सोमवार को पड़ता है, तो शिव और चंद्रमा दोनों की पूजा से संयुक्त आशीर्वाद प्राप्त होता है। यह मानसिक शांति और भावनात्मक उपचार चाहने वालों के लिए विशेष रूप से लाभकारी है।

टिप्पणी: सभी समय चयनित स्थान के स्थानीय समय में 24-घंटे प्रारूप में दर्शाए गए हैं, साथ में DST समायोजन (यदि लागू हो)।

आधी रात के बाद के समय के साथ अगले दिन की तारीख जोड़ी गई है। पंचांग में, एक दिन स्थानीय सूर्योदय से शुरू और समाप्त होता है।