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Vakratunda Sankashtahara

Telugu

अन्य नाम: Vakratunda Chaturthi

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Vakratunda Sankashtahara
2026 Telugu तिथि

Vakratunda Sankashtahara

Vakratunda Sankashtahara के बारे में

वक्रतुंड संकष्टहर, भगवान गणेश को समर्पित बारह मासिक संकष्टहर चतुर्थी व्रतों में से एक है। 'वक्रतुंड' का अर्थ है 'घुमावदार सूंड वाले'।

भक्त पूरे दिन उपवास रखते हैं और चंद्रमा के दर्शन के बाद व्रत खोलते हैं। दूर्वा घास और मोदक के साथ विशेष पूजा की जाती है।

यह व्रत जीवन की टेढ़ी-मेढ़ी बाधाओं को दूर करने वाला माना जाता है। आंध्र प्रदेश में परिवार गणेश मंदिरों में संध्याकालीन पूजा के लिए एकत्र होते हैं।

व्रत विधि और उपवास नियम

भक्त चंद्रोदय तक उपवास रखते हैं और टेढ़ी बाधाओं को दूर करने के लिए गणेश पूजा करते हैं।

संकल्प मंत्र

ॐ गं गणपतये नमः, मैं समस्त टेढ़ी-मेढ़ी बाधाओं के निवारण हेतु भगवान वक्रतुंड का आशीर्वाद माँगता/माँगती हूँ।

चरणबद्ध उपवास प्रक्रिया:
  • प्रातः जल्दी उठकर स्नान करें।
  • पूरे दिन बिना भोजन किए उपवास रखें।
  • संध्या को दूर्वा घास और मोदक के साथ गणेश पूजा करें।
  • चंद्रमा के दर्शन के बाद व्रत खोलें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

प्रश्न: 'वक्रतुंड' का क्या अर्थ है?

वक्रतुंड का अर्थ है 'घुमावदार सूंड वाले' (वक्र = टेढ़ा, तुंड = सूंड)। गणेश जी की घुमावदार सूंड बाधाओं के इर्द-गिर्द मार्ग खोजने की क्षमता का प्रतीक है।

टिप्पणी: सभी समय चयनित स्थान के स्थानीय समय में 24-घंटे प्रारूप में दर्शाए गए हैं, साथ में DST समायोजन (यदि लागू हो)।

आधी रात के बाद के समय के साथ अगले दिन की तारीख जोड़ी गई है। पंचांग में, एक दिन स्थानीय सूर्योदय से शुरू और समाप्त होता है।