मुख्य सामग्री पर जाएँ
Yoga Panchang
लॉग इन करें

Vasudeva Dwadashi

Telugu

अन्य नाम: Vasudeva Jayanti

कैलेंडर वर्ष चुनें
Vasudeva Dwadashi
2026 Telugu तिथि

Vasudeva Dwadashi

Vasudeva Dwadashi के बारे में

वासुदेव द्वादशी मार्गशीर्ष मास (नवंबर-दिसंबर) के शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि (बारहवें दिन) को मनाई जाती है। यह भगवान वासुदेव, जो भगवान कृष्ण का ही एक नाम है, को समर्पित है।

भक्त उपवास रखते हैं और भगवान कृष्ण की वासुदेव रूप में पूजा करते हैं, ताकि आध्यात्मिक उन्नति और दैवीय कृपा का आशीर्वाद मिल सके।

आंध्र प्रदेश में मंदिरों में विशेष पूजा आयोजित की जाती है और भक्त सामूहिक प्रार्थना के लिए एकत्र होते हैं। यह पर्व भगवान कृष्ण के सार्वभौमिक स्वरूप पर बल देता है।

व्रत विधि और उपवास नियम

भक्त उपवास रखते हैं और भगवान कृष्ण की वासुदेव रूप में पूजा करते हैं।

चरणबद्ध उपवास प्रक्रिया:
  • प्रातः जल्दी उठकर स्नान करें।
  • पूरे दिन कठोर उपवास रखें।
  • पारंपरिक विधि से भगवान कृष्ण की पूजा करें।
  • अगले दिन प्रातः पूजा के बाद व्रत का पारण करें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

प्रश्न: वासुदेव कौन हैं?

वासुदेव भगवान कृष्ण का ही एक नाम है, जो उनकी वासुदेव-पुत्र के रूप में पहचान और समस्त अस्तित्व में व्याप्त सार्वभौमिक दिव्य तत्व को दर्शाता है।

टिप्पणी: सभी समय चयनित स्थान के स्थानीय समय में 24-घंटे प्रारूप में दर्शाए गए हैं, साथ में DST समायोजन (यदि लागू हो)।

आधी रात के बाद के समय के साथ अगले दिन की तारीख जोड़ी गई है। पंचांग में, एक दिन स्थानीय सूर्योदय से शुरू और समाप्त होता है।