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Guru Govind Singh Jayanti

त्यौहार

अन्य नाम: Guru Govind singh Jayanti

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Guru Govind Singh Jayanti
2026 पर्व तिथि और मुहूर्त

Guru Govind Singh Jayanti

Guru Govind Singh Jayanti 2026 में नहीं आता है।

Guru Govind Singh Jayanti: मुख्य तथ्य

Guru Govind Singh Jayanti का दिन चंद्र पंचांग से तय होता है: यह पौष मास के शुक्ल पक्ष की सप्तमी (सातवीं तिथि) को पड़ता है।

तिथि नियम
पौष शुक्ल सप्तमी (पूर्णिमांत)शुक्ल सप्तमीपौष मास
तिथि स्वामी और श्रेणी
Surya · Bhadra Tithi

आने वाले वर्षों में पौष शुक्ल सप्तमी

वर्षतिथि प्रारंभतिथि समाप्ति
202701:59 pm, गुरु, 14 जन॰02:14 pm, शुक्र, 15 जन॰
202804:13 pm, सोम, 3 जन॰06:20 pm, मंगल, 4 जन॰
203004:40 am, गुरु, 10 जन॰06:30 am, शुक्र, 11 जन॰

Guru Govind Singh Jayanti के बारे में

गुरु गोबिंद सिंह जयंती, जिसे गुरपुरब भी कहा जाता है, दसवें और अंतिम मानव सिख गुरु, गुरु गोबिंद सिंह जी के प्रकाश पर्व (जन्मोत्सव) के रूप में मनाई जाती है। पटना, बिहार में 1666 में जन्मे गुरु गोबिंद सिंह जी एक आध्यात्मिक गुरु, योद्धा-कवि और 1699 में खालसा पंथ के संस्थापक थे। उनका जीवन अटूट साहस, आध्यात्मिक अनुशासन और अत्याचार तथा अन्याय के विरुद्ध शाश्वत संघर्ष का उदाहरण था।

गुरु गोबिंद सिंह जी ने अमृत संचार समारोह की स्थापना करके, सिखों को पांच ककार (केश, कड़ा, कंघा, कच्छेरा, किरपान) देकर और खालसा को धार्मिकता के प्रति समर्पित सामूहिक निकाय के रूप में स्थापित करके सिख पहचान को रूपांतरित किया। उन्होंने अपने देहांत से पहले गुरु ग्रंथ साहिब को शाश्वत गुरु घोषित किया, यह सुनिश्चित करते हुए कि दिव्य मार्गदर्शन सभी सिखों के लिए सुलभ बना रहे।

जाप साहिब, तव-प्रसाद सवैये और दसम ग्रंथ के कुछ भागों सहित उनकी साहित्यिक रचनाएं आध्यात्मिक काव्य एवं दर्शन के अमूल्य रत्न हैं। उनकी जयंती पर गुरुद्वारों को रोशन किया जाता है, नगर कीर्तन सड़कों को भर देते हैं, और समुदाय प्रार्थना, सेवा (निःस्वार्थ सेवा) और लंगर (सामुदायिक रसोई) में एकत्रित होते हैं, जो गुरु की समानता एवं भक्ति की शिक्षाओं को दर्शाता है।

व्रत विधि और उपवास नियम

गुरु गोबिंद सिंह जयंती दसवें गुरु के स्मरण में अखंड पाठ, कीर्तन, सेवा और लंगर के साथ मनाई जाती है।

चरण-दर-चरण उपवास प्रक्रिया:
  • सुबह जल्दी गुरुद्वारे जाएं और प्रकाश उत्सव समारोह में भाग लें।
  • गुरु ग्रंथ साहिब के अखंड पाठ (48 घंटे का निरंतर पाठ) में शामिल हों या उसका आयोजन करें।
  • गुरु गोबिंद सिंह जी के जीवन और शिक्षाओं को उजागर करने वाले कीर्तन और कथा (प्रवचन) सुनें।
  • सेवा में भाग लें, विशेषकर लंगर की रसोई में, जहां सभी को बिना किसी भेदभाव के भोजन कराया जाता है।
  • गुरबाणी गाते हुए और निशान साहिब लेकर नगर कीर्तन शोभायात्रा में भाग लें।
  • गुरु के साहस, न्याय, विनम्रता और एक ईश्वर के प्रति भक्ति के संदेश पर चिंतन करें।

Guru Govind Singh Jayanti: अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रश्न: Guru Govind Singh Jayanti किस तिथि को मनाया जाता है?

पौष शुक्ल सप्तमी; स्वामी Surya, Bhadra Tithi।

प्रश्न: 2027 में Guru Govind Singh Jayanti की तिथि कब है?

पौष शुक्ल सप्तमी: 01:59 pm, गुरु, 14 जन॰ 2027 से 02:14 pm, शुक्र, 15 जन॰ 2027 तक (भारतीय मानक समय)।

प्रश्न: गुरु गोबिंद सिंह जी का क्या महत्व है?

उन्होंने खालसा पंथ की स्थापना की, सिखों को उनकी विशिष्ट पहचान दी, और गुरु ग्रंथ साहिब को शाश्वत गुरु घोषित किया।

प्रश्न: गुरु गोबिंद सिंह जयंती कैसे मनाई जाती है?

अखंड पाठ, कीर्तन, नगर कीर्तन, लंगर, सेवा और गुरुद्वारों की रोशनी के माध्यम से।

टिप्पणी: समय तारीख सहित दिए गए हैं; पंचांग का दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक होता है।