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अहोई अष्टमी

त्यौहार

अन्य नाम: Ahoi 8

त्वरित जानकारी

2045 में तारीख
बुधवार, 1 नवंबर 2045
तिथि
कार्तिक कृष्ण अष्टमी (पूर्णिमांत)
तिथि प्रारंभ से समाप्ति
08:35 pm, 01 नव॰ से 06:41 pm, 02 नव॰ तक
चंद्र मास
कार्तिक · कृष्ण पक्ष
कैलेंडर वर्ष चुनें
Ahoi Ashtami
2045 पर्व तिथि और मुहूर्त

अहोई अष्टमी

बुधवार, 1 नवंबर 2045

चंद्र मास: कार्तिक

तिथि / मुहूर्त समय
तिथि प्रारंभ:08:35 pm, 01 नव॰
तिथि समाप्ति:06:41 pm, 02 नव॰

अहोई अष्टमी: मुख्य तथ्य

अहोई अष्टमी का दिन चंद्र पंचांग से तय होता है: यह कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी (आठवीं तिथि) को पड़ता है, जिसे अमांत पंचांग आश्विन कृष्ण अष्टमी कहता है।

तिथि नियम
कार्तिक कृष्ण अष्टमी (पूर्णिमांत)कृष्ण अष्टमीकार्तिक मास
तिथि स्वामी और श्रेणी
Shiva · Jaya Tithi

आने वाले वर्षों में कार्तिक कृष्ण अष्टमी

वर्षतिथि प्रारंभतिथि समाप्ति
204601:56 pm, सोम, 22 अक्टू॰01:10 pm, मंगल, 23 अक्टू॰

इस दिन का पंचांग

अहोई अष्टमी · 1 नव॰ 2045

वारबुधवार
तिथिकृष्ण सप्तमी10:18 pm → 08:35 pm
नक्षत्रपुनर्वसु11:35 am → 10:40 am
योगसाध्य
करणबव
चंद्र मासआश्विन
ब्रह्म मुहूर्त04:49 am → 05:41 am
अभिजित मुहूर्त11:42 am → 12:26 pm
निशिता मुहूर्त11:38 pm → 12:30 am
राहु काल12:04 pm → 01:27 pm

अहोई अष्टमी के बारे में

अहोई अष्टमी एक अत्यंत भावनात्मक व्रत है, जिसे माताएँ अपनी संतान के कल्याण, स्वास्थ्य और दीर्घायु के लिए रखती हैं।

व्रत विधि और उपवास नियम

माताएँ पूरे दिन निर्जल व्रत रखती हैं और रात में तारे देखने के बाद ही व्रत खोलती हैं।

चरण-दर-चरण उपवास प्रक्रिया:
  • करवा चौथ के विपरीत, जहाँ चंद्रमा देखा जाता है, अहोई अष्टमी का व्रत परंपरागत रूप से संध्या आकाश में पहले तारे के दर्शन के बाद खोला जाता है।

अहोई अष्टमी: अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रश्न: अहोई अष्टमी किस तिथि को मनाया जाता है?

कार्तिक कृष्ण अष्टमी (अमांत पंचांग में आश्विन कृष्ण अष्टमी); स्वामी Shiva, Jaya Tithi।

प्रश्न: 2045 में अहोई अष्टमी की तिथि कब से कब तक है?

कृष्ण अष्टमी: 08:35 pm, बुध, 1 नव॰ 2045 से 06:41 pm, गुरु, 2 नव॰ 2045 तक (भारतीय मानक समय)।

प्रश्न: 2046 में अहोई अष्टमी की तिथि कब है?

कार्तिक कृष्ण अष्टमी: 01:56 pm, सोम, 22 अक्टू॰ 2046 से 01:10 pm, मंगल, 23 अक्टू॰ 2046 तक (भारतीय मानक समय)।

टिप्पणी: समय तारीख सहित दिए गए हैं; पंचांग का दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक होता है।