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धनतेरस

त्यौहार

अन्य नाम: Dhanvantri (Dhana) Jayanti, Yama-Deepa-Daana

त्वरित जानकारी

2046 में तारीख
शनिवार, 27 अक्टूबर 2046
तिथि
कार्तिक कृष्ण त्रयोदशी (पूर्णिमांत)
तिथि प्रारंभ से समाप्ति
03:43 am, 27 अक्टू॰ से 12:11 am, 28 अक्टू॰ तक
चंद्र मास
कार्तिक · कृष्ण पक्ष
कैलेंडर वर्ष चुनें
Dhanteras
2046 पर्व तिथि और मुहूर्त

धनतेरस

शनिवार, 27 अक्टूबर 2046

चंद्र मास: कार्तिक

तिथि / मुहूर्त समय
तिथि प्रारंभ:03:43 am, 27 अक्टू॰
तिथि समाप्ति:12:11 am, 28 अक्टू॰

धनतेरस: मुख्य तथ्य

धनतेरस का दिन चंद्र पंचांग से तय होता है: यह कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी (तेरहवीं तिथि) को पड़ता है, जिसे अमांत पंचांग आश्विन कृष्ण त्रयोदशी कहता है।

तिथि नियम
कार्तिक कृष्ण त्रयोदशी (पूर्णिमांत)कृष्ण त्रयोदशीकार्तिक मास
तिथि स्वामी और श्रेणी
Kamadeva · Jaya Tithi

इस दिन का पंचांग

धनतेरस · 27 अक्टू॰ 2046

वारशनिवार
तिथिकृष्ण त्रयोदशी03:43 am → 12:11 am
नक्षत्रउत्तर फाल्गुनी05:17 pm → 02:40 pm
योगवैधृति
करणगर
चंद्र मासआश्विन
ब्रह्म मुहूर्त04:47 am → 05:38 am
अभिजित मुहूर्त11:42 am → 12:27 pm
निशिता मुहूर्त11:39 pm → 12:30 am
राहु काल09:17 am → 10:41 am

धनतेरस के बारे में

धनतेरस पाँच दिवसीय दिवाली पर्व के पहले दिन को चिह्नित करती है।

यह दिन समुद्र मंथन से भगवान धन्वंतरि (आयुर्वेद के देवता) के प्रकट होने का उत्सव मनाता है, जो अमरत्व के दिव्य अमृत का कलश धारण किए हुए थे।

व्रत विधि और उपवास नियम

भक्त स्वास्थ्य के लिए भगवान धन्वंतरि की और अकाल मृत्यु को रोकने के लिए भगवान यम की पूजा करते हैं।

चरण-दर-चरण उपवास प्रक्रिया:
  • घर में 'धन' (संपत्ति) लाने के प्रतीक स्वरूप सोना, चाँदी या नए बर्तन खरीदें।
  • सायंकाल 'यम दीपम' संपन्न करें: मुख्य द्वार के बाहर, दक्षिण दिशा की ओर मुख करके, तिल के तेल से भरा एक बड़ा चार बत्तियों वाला मिट्टी का दीपक जलाएँ।

धनतेरस: अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रश्न: धनतेरस किस तिथि को मनाया जाता है?

कार्तिक कृष्ण त्रयोदशी (अमांत पंचांग में आश्विन कृष्ण त्रयोदशी); स्वामी Kamadeva, Jaya Tithi।

प्रश्न: 2046 में धनतेरस की तिथि कब से कब तक है?

कृष्ण त्रयोदशी: 03:43 am, शनि, 27 अक्टू॰ 2046 से 12:11 am, रवि, 28 अक्टू॰ 2046 तक (भारतीय मानक समय)।

टिप्पणी: समय तारीख सहित दिए गए हैं; पंचांग का दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक होता है।