होली
त्यौहारअन्य नाम: Rangwali Holi, Dhulandi
त्वरित जानकारी
- 2026 में तारीख
- मंगलवार, 3 मार्च 2026
- तिथि
- चैत्र कृष्ण प्रतिपदा (पूर्णिमांत)
- तिथि प्रारंभ से समाप्ति
- 05:08 pm, 03 मार्च से 04:50 pm, 04 मार्च तक
- चंद्र मास
- चैत्र · कृष्ण पक्ष

होली
मंगलवार, 3 मार्च 2026
चंद्र मास: चैत्र
होली: मुख्य तथ्य
होली का दिन चंद्र पंचांग से तय होता है: यह चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा (पहली तिथि) को पड़ता है, जिसे अमांत पंचांग फाल्गुन कृष्ण प्रतिपदा कहता है।
- तिथि नियम
- चैत्र कृष्ण प्रतिपदा (पूर्णिमांत)कृष्ण प्रतिपदाचैत्र मास
- तिथि स्वामी और श्रेणी
- Agni · Nanda Tithi
इस दिन का पंचांग
होली · 3 मार्च 2026
होली के बारे में
होली रंगों का जीवंत त्योहार है, जो वसंत के आगमन और बुराई पर भक्ति की विजय का प्रतीक है, जिसे प्रह्लाद और होलिका की कथा द्वारा दर्शाया गया है।
होली की पूर्व संध्या पर भद्रा-रहित प्रदोष मुहूर्त में होलिका दहन की अग्नि प्रज्वलित की जाती है, इसके अगले दिन आनंदमय रंगोत्सव मनाया जाता है।
व्रत विधि और उपवास नियम
यह त्योहार दो दिवसीय आयोजन है जो एक पवित्र अग्नि से आरंभ होकर रंगों के उत्सव के साथ समाप्त होता है।
- होली की पूर्व संध्या पर होलिका दहन पूजा करें। लकड़ी और गोबर के उपलों का उपयोग करके एक विशाल अग्निकुंड तैयार किया जाता है।
- अग्नि की परिक्रमा करते हुए उसमें कच्चा सूत, हल्दी, कुमकुम और मिठाइयां अर्पित करें।
- अगले दिन (धुलंडी) लोग एक-दूसरे पर सूखे रंग (गुलाल) और रंगीन जल उल्लासपूर्वक फेंकते हैं।
व्रत कथा: प्रह्लाद की भक्ति
राक्षसराज हिरण्यकशिपु की मांग थी कि सभी केवल उसी की पूजा करें, परंतु उसका पुत्र प्रह्लाद भगवान विष्णु का भक्त बना रहा।
हिरण्यकशिपु ने प्रह्लाद को जलाने के लिए अपनी दुष्ट बहन होलिका, जिसके पास एक जादुई अग्निरोधक चादर थी, से सहायता मांगी।
जैसे ही अग्नि प्रचंड हुई, एक दिव्य वायु ने चादर को होलिका से उड़ाकर प्रह्लाद पर लपेट दिया। होलिका जलकर भस्म हो गई, जबकि प्रह्लाद सकुशल बाहर निकल आया।
होली: अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
चैत्र कृष्ण प्रतिपदा (अमांत पंचांग में फाल्गुन कृष्ण प्रतिपदा); स्वामी Agni, Nanda Tithi।
कृष्ण प्रतिपदा: 05:08 pm, मंगल, 3 मार्च 2026 से 04:50 pm, बुध, 4 मार्च 2026 तक (भारतीय मानक समय)।
धूलिवंदन और वसंतोत्सव (चैत्र कृष्ण प्रतिपदा)।
इसी चंद्र मास के पर्व
Chaitra
टिप्पणी: समय तारीख सहित दिए गए हैं; पंचांग का दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक होता है।
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