मुख्य सामग्री पर जाएँ
Yoga Panchang
लॉग इन करें

कजरी तीज

त्यौहार

त्वरित जानकारी

2037 में तारीख
शुक्रवार, 28 अगस्त 2037
तिथि
भाद्रपद कृष्ण तृतीया (पूर्णिमांत)
तिथि प्रारंभ से समाप्ति
05:26 am, 28 अग॰ से 07:53 am, 29 अग॰ तक
चंद्र मास
भाद्रपद · कृष्ण पक्ष
कैलेंडर वर्ष चुनें
Kajari Teej
2037 पर्व तिथि और मुहूर्त

कजरी तीज

शुक्रवार, 28 अगस्त 2037

चंद्र मास: भाद्रपद

तिथि / मुहूर्त समय
तिथि प्रारंभ:05:26 am, 28 अग॰
तिथि समाप्ति:07:53 am, 29 अग॰

कजरी तीज: मुख्य तथ्य

कजरी तीज का दिन चंद्र पंचांग से तय होता है: यह भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की तृतीया (तीसरी तिथि) को पड़ता है, जिसे अमांत पंचांग श्रावण कृष्ण तृतीया कहता है।

तिथि नियम
भाद्रपद कृष्ण तृतीया (पूर्णिमांत)कृष्ण तृतीयाभाद्रपद मास
तिथि स्वामी और श्रेणी
Gauri · Jaya Tithi

आने वाले वर्षों में भाद्रपद कृष्ण तृतीया

वर्षतिथि प्रारंभतिथि समाप्ति
203805:31 am, मंगल, 17 अग॰06:48 am, बुध, 18 अग॰
203911:07 am, शनि, 6 अग॰09:48 am, रवि, 7 अग॰
204008:16 am, शुक्र, 24 अग॰05:51 am, शनि, 25 अग॰
204111:52 pm, मंगल, 13 अग॰08:19 pm, बुध, 14 अग॰
204205:55 pm, रवि, 3 अग॰03:08 pm, सोम, 4 अग॰

इस दिन का पंचांग

कजरी तीज · 28 अग॰ 2037

वारशुक्रवार
तिथिकृष्ण तृतीया05:26 am → 07:53 am
नक्षत्रपूर्व भाद्रपद11:45 pm → 02:44 am
योगशूल
करणवणिज
चंद्र मासश्रावण
ब्रह्म मुहूर्त04:28 am → 05:12 am
अभिजित मुहूर्त11:56 am → 12:47 pm
निशिता मुहूर्त12:00 am → 12:44 am
राहु काल10:45 am → 12:22 pm

कजरी तीज के बारे में

कजरी तीज, जिसे कजली तीज या बड़ी तीज के नाम से भी जाना जाता है, मुख्यतः राजस्थान, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और हरियाणा के कुछ हिस्सों में महिलाओं द्वारा मनाया जाने वाला एक आनंददायक वर्षा ऋतु पर्व है। यह भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की तृतीया (तीसरे दिन) को पड़ता है, जो हरियाली तीज के लगभग पंद्रह दिन बाद आता है। यह पर्व हरे-भरे मानसूनी परिदृश्य के आगमन का प्रतीक है और वैवाहिक प्रेम, संतानोत्पत्ति तथा परिवार के कल्याण से गहराई से जुड़ा हुआ है।

'कजरी' नाम इस मौसम में आकाश में छाए गहरे मानसूनी बादलों (काजल) से जुड़ा है, जो नवीनीकरण और समृद्धि का प्रतीक हैं। महिलाएं चटख हरे रंग के वस्त्र पहनती हैं, पारंपरिक कजरी गीत गाती हैं, सजे हुए झूलों पर झूलती हैं, और सुंदर मेहंदी डिज़ाइन लगाती हैं। यह पर्व विवाहित महिलाओं के लिए अपने मायके जाकर परिवार से उपहार और स्नेह प्राप्त करने का एक प्रिय अवसर प्रदान करता है।

कजरी तीज का एक प्रबल भक्ति पक्ष भी है। महिलाएं देवी पार्वती और भगवान शिव की पूजा करती हैं, सुखी और स्थायी वैवाहिक जीवन की प्रार्थना करती हैं। अनुष्ठानों में उपवास, पूजा, और मिठाइयों तथा मौसमी व्यंजनों का भोग शामिल है। कजरी तीज की सांस्कृतिक अभिव्यक्तियां, विशेषकर इसके लोकगीत, उत्तर भारत की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।

व्रत विधि और उपवास नियम

कजरी तीज उपवास, हरे वस्त्रों, गायन, झूला झूलने और शिव-पार्वती पूजा के साथ मनाई जाती है।

चरण-दर-चरण उपवास प्रक्रिया:
  • सुबह जल्दी स्नान करें और आभूषणों से सुसज्जित हरे या लाल रंग के पारंपरिक वस्त्र पहनें।
  • पूरे दिन का उपवास रखें, यदि पूर्ण उपवास संभव न हो तो केवल फल और दूध ग्रहण करें।
  • हाथों और पैरों पर मेहंदी लगाएं, और घर को रंगोली तथा पुष्पों से सजाएं।
  • भगवान शिव और देवी पार्वती की पूजा करें, बेल पत्र, पुष्प, मिठाइयां और मौसमी फल अर्पित करें।
  • पारंपरिक कजरी गीत गाएं और अन्य महिलाओं के साथ सजे हुए झूलों पर झूलने का आनंद लें।
  • शाम को चंद्रमा के दर्शन के बाद अर्घ्य देकर उपवास तोड़ें।

कजरी तीज: अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रश्न: कजरी तीज किस तिथि को मनाया जाता है?

भाद्रपद कृष्ण तृतीया (अमांत पंचांग में श्रावण कृष्ण तृतीया); स्वामी Gauri, Jaya Tithi।

प्रश्न: 2037 में कजरी तीज की तिथि कब से कब तक है?

कृष्ण तृतीया: 05:26 am, शुक्र, 28 अग॰ 2037 से 07:53 am, शनि, 29 अग॰ 2037 तक (भारतीय मानक समय)।

प्रश्न: 2038 में कजरी तीज की तिथि कब है?

भाद्रपद कृष्ण तृतीया: 05:31 am, मंगल, 17 अग॰ 2038 से 06:48 am, बुध, 18 अग॰ 2038 तक (भारतीय मानक समय)।

प्रश्न: कजरी तीज कब मनाई जाती है?

यह भाद्रपद कृष्ण पक्ष की तृतीया को पड़ती है, हरियाली तीज के लगभग पंद्रह दिन बाद।

प्रश्न: कजरी तीज पर हरे रंग का क्या महत्व है?

हरा रंग हरे-भरे मानसून, उर्वरता, समृद्धि और नई शुरुआत का प्रतीक है।

टिप्पणी: समय तारीख सहित दिए गए हैं; पंचांग का दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक होता है।