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Ashlesha

2026 आश्लेषा नक्षत्र

त्वरित जानकारी

स्वामी ग्रह
बुध
देवता
सर्प (नाग)
प्रतीक
चक्र
गण
देव
राशि
कर्क, 16°40' से 30°00'
चंद्रमा का अगला गोचर (नई दिल्ली)
सोम, 2 नव॰ 2026, 4:30 am से मंगल, 3 नव॰, 3:46 am तक

आश्लेषा 27 नक्षत्रों में 9वां नक्षत्र है। यह राशिचक्र में 106°40' से 120°00' तक फैला है, यानी पूरी तरह कर्क राशि में। इसके देवता सर्प (नाग) हैं और विंशोत्तरी दशा में इसका स्वामी ग्रह बुध है।

आश्लेषा देव गण का नक्षत्र है और इसका स्वभाव तीक्ष्ण (दारुण) है। इसका प्रतीक चक्र है, योनि मार्जार (बिल्ली), दोष कफ और पुरुषार्थ धर्म है। इसके चार चरणों के नामाक्षर डी, डू, डे और डो हैं।

आश्लेषा नक्षत्र - विभिन्न भाषाओं में नाम

नक्षत्र क्रमांक 9

देवनागरी
आश्लेषा
खगोलीय नाम
Alpha Hydroe
अंग्रेज़ी
Ashlesha
हिंदी / संस्कृत
Ashlesha
तमिल
Ayilyam
तेलुगु
Ashresha
सिंहली
Aslesha
गुजराती
Ashlesha
मलयालम
Aayilyam
मराठी
Ashlesha
कन्नड़
AshlEsha

आश्लेषा नक्षत्र की विशेषताएं

विवरण अंग्रेज़ी में है

Meaning
Hugging
Tara
5
Principal Star (Yogatara)
Hydrae
Ruling Deity
Sarpa
Temperament
Penetrating
Mannerism
Head -bent
Vision
Weak-sighted
Kulakula
Inheritable (Akula)
Class
Ungovernable
Sex
Female
Element
Water
Visha Portion (96 Minutes)
From 12 h 48m
Amrita Portion (96 Minutes)
From 22 h 24 m
Inauspicious Part
III & IV quarters
Limb
Chin
Start
16 Cn 40
End
30 Cn 00
Degrees of Zodiac
106° 40' to 120° 0'
Vimshottari Lord
Mercuryऔर जानें
Ruling Deity (Vedic)
Sarpa
Pada 1 Letter
डी (Dee)
Pada 2 Letter
डू (Doo)
Pada 3 Letter
डे (De)
Pada 4 Letter
डो (Do)
Sacred Animal
Cat
Devata who connects with the Sacred Animal
Shashti Devi
Gender
Male
Friendly Animal
Nil
Opposing Animal
Dog
Nakshatra Doshas (Vata, Pitta, Kapha)
Kapha
Purusharta (Dharma, Artha, Kama, Moksha)
Dharma
Pada1 Purushartha
Dharma
Pada2 Purushartha
Artha
Pada3 Purushartha
Kama
Pada4 Purushartha
Moksha
Gana List
Deva
Direction of Nakshatra
South
Primary
Rajas
Secondary
Sattva
Tertiary
Sattva
Sidereal Longitude of Yogataras
108°24'44"
Magnitude
3.38
Latitude
11°06'S
Declination
6°21'N
Special Group
B
Combustion
August 02 - August 16
Deep Combustion Dates
August 04 - August 06
Trade Items
Wheat, rice, gur, sugar-products, dry ginger, ginger, chilly
Months
1 month
Gotra of the Nakshatra
Vashishta-The Possessor of Wealth
Bird
Tittibha (peewit, lapwing)
Tree/Plant/Fruit
Nagkesar (Indian rose chestnut)
Botanical Name for Tree
Messua ferrea
Birth in Suklapaksha
Owl
Birth in Krishnapaksha
Cock
Vedic Names of the Nakshatras
Aashlesha
Vedanga Jyotisha short forms of Nak.
Shaa
Srishti/Sthiti/Samhara
Samhara

2026 में आश्लेषा नक्षत्र में चंद्रमा

नई दिल्ली (UTC+05:30) के लिए तिथियां — आपका स्थान मिलते ही आपके शहर की तिथियां दिखेंगी।

जनवरी 2026
फरवरी 2026
मार्च 2026
अप्रैल 2026
मई 2026
जून 2026
जुलाई 2026
अगस्त 2026
सितंबर 2026
अक्टूबर 2026
नवंबर 2026
दिसंबर 2026

आश्लेषा नक्षत्र के बारे में अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आश्लेषा नक्षत्र के देवता सर्प (नाग) हैं। यह 27 नक्षत्रों में 9वां नक्षत्र है और इसमें 5 तारे गिने जाते हैं।
विंशोत्तरी दशा पद्धति में आश्लेषा का स्वामी बुध है। जिसके जन्म के समय चंद्रमा आश्लेषा में हो, उसका जीवन बुध की महादशा से आरंभ होता है, जिसकी पूरी अवधि 17 वर्ष है। जन्म के समय नक्षत्र का जितना भाग बीत चुका हो, पहली दशा उतनी ही छोटी हो जाती है।
आश्लेषा देव गण का नक्षत्र है; देव गण के जातक सौम्य, उदार और सुसंस्कृत माने जाते हैं। विवाह मिलान के गण कूट में इसी का प्रयोग होता है। इसका स्वभाव तीक्ष्ण (दारुण) है, इसलिए मुहूर्त में यह काटने, अलग करने और कठोर प्रकृति के कार्य के लिए चुना जाता है।
आश्लेषा राशिचक्र में 106°40' से 120°00' तक है, यानी पूरी तरह कर्क राशि में। इसका हर चरण 3°20' का है।
चरण 1: "डी" (नवांश धनु); चरण 2: "डू" (नवांश मकर); चरण 3: "डे" (नवांश कुंभ); चरण 4: "डो" (नवांश मीन)। आश्लेषा में जन्मे बच्चे का नाम परंपरागत रूप से उसके जन्म-चरण के अक्षर से रखा जाता है।
आश्लेषा का प्रतीक चक्र है और इसकी योनि मार्जार (बिल्ली) है। योनि का उपयोग विवाह मिलान के योनि कूट में होता है। आयुर्वेदिक दोष कफ है और पुरुषार्थ धर्म।

अन्य नक्षत्र (Lunar Mansions)

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