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Yoga Panchang
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Pushya

2026 पुष्य नक्षत्र

त्वरित जानकारी

स्वामी ग्रह
शनि
देवता
बृहस्पति
प्रतीक
बाण
गण
देव
राशि
कर्क, 3°20' से 16°40'
चंद्रमा का अगला गोचर (नई दिल्ली)
रवि, 1 नव॰ 2026, 5:39 am से सोम, 2 नव॰, 4:30 am तक

पुष्य 27 नक्षत्रों में 8वां नक्षत्र है। यह राशिचक्र में 93°20' से 106°40' तक फैला है, यानी पूरी तरह कर्क राशि में। इसके देवता बृहस्पति हैं और विंशोत्तरी दशा में इसका स्वामी ग्रह शनि है।

पुष्य देव गण का नक्षत्र है और इसका स्वभाव क्षिप्र (लघु) है। इसका प्रतीक बाण है, योनि मेष (भेड़), दोष पित्त और पुरुषार्थ धर्म है। इसके चार चरणों के नामाक्षर हु, हे, हो और डा हैं।

पुष्य नक्षत्र - विभिन्न भाषाओं में नाम

नक्षत्र क्रमांक 8

देवनागरी
पुष्य
खगोलीय नाम
Delta Cancri
अंग्रेज़ी
Pushyami
हिंदी / संस्कृत
Pushya
तमिल
Poosam
तेलुगु
Pushyami
सिंहली
Pusha
गुजराती
Pushya
मलयालम
Pooyam
मराठी
Pushya
कन्नड़
Pushya

पुष्य नक्षत्र की विशेषताएं

विवरण अंग्रेज़ी में है

Meaning
Nourishing
Tara
3
Principal Star (Yogatara)
Cancri
Ruling Deity
Brihaspati
Temperament
Hasty
Mannerism
Head -raised
Vision
Blind
Kulakula
Self-made
Class
Authority
Sex
Male
Element
Water
Visha Portion (96 Minutes)
From 08 h 00 m
Amrita Portion (96 Minutes)
From 17 h 36m
Limb
Lips
Start
03 Cn 20
End
16 Cn 40
Degrees of Zodiac
93° 20' to 106° 40'
Vimshottari Lord
Saturnऔर जानें
Ruling Deity (Vedic)
Brihaspati
Pada 1 Letter
हु (Hu)
Pada 2 Letter
हे (He)
Pada 3 Letter
हो (Ho)
Pada 4 Letter
डा (Daa)
Sacred Animal
Goat/Sheep
Devata who connects with the Sacred Animal
Agni
Gender
Male
Friendly Animal
Horse
Opposing Animal
Snake, Monkey
Nakshatra Doshas (Vata, Pitta, Kapha)
Pitta
Purusharta (Dharma, Artha, Kama, Moksha)
Dharma
Pada1 Purushartha
Moksha
Pada2 Purushartha
Kama
Pada3 Purushartha
Artha
Pada4 Purushartha
Dharma
Gana List
Deva
Direction of Nakshatra
East
Primary
Rajas
Secondary
Sattva
Tertiary
Tamas
Sidereal Longitude of Yogataras
104°37'13"
Magnitude
3.94
Latitude
0°05'N
Declination
18°05'N
Special Group
K
Combustion
July 19 - August 02
Deep Combustion Dates
July 31 - August 01
Trade Items
Rice, edible oils, ghee, spices, gold, silver
Months
8 months
Gotra of the Nakshatra
Marichi-The Light & the Swift one
Bird
Hawk-cuckoo, Partridge, swan
Tree/Plant/Fruit
Peepal (Sacred fig)
Botanical Name for Tree
Ficus religiosa
Birth in Suklapaksha
Owl
Birth in Krishnapaksha
Cock
Vedic Names of the Nakshatras
Tishya /Sidhya
Vedanga Jyotisha short forms of Nak.
Shya
Srishti/Sthiti/Samhara
Sthiti

2026 में पुष्य नक्षत्र में चंद्रमा

नई दिल्ली (UTC+05:30) के लिए तिथियां — आपका स्थान मिलते ही आपके शहर की तिथियां दिखेंगी।

जनवरी 2026
फरवरी 2026
मार्च 2026
अप्रैल 2026
मई 2026
जून 2026
जुलाई 2026
अगस्त 2026
सितंबर 2026
अक्टूबर 2026
नवंबर 2026
दिसंबर 2026

पुष्य नक्षत्र के बारे में अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पुष्य नक्षत्र के देवता बृहस्पति हैं। यह 27 नक्षत्रों में 8वां नक्षत्र है और इसमें 3 तारे गिने जाते हैं।
विंशोत्तरी दशा पद्धति में पुष्य का स्वामी शनि है। जिसके जन्म के समय चंद्रमा पुष्य में हो, उसका जीवन शनि की महादशा से आरंभ होता है, जिसकी पूरी अवधि 19 वर्ष है। जन्म के समय नक्षत्र का जितना भाग बीत चुका हो, पहली दशा उतनी ही छोटी हो जाती है।
पुष्य देव गण का नक्षत्र है; देव गण के जातक सौम्य, उदार और सुसंस्कृत माने जाते हैं। विवाह मिलान के गण कूट में इसी का प्रयोग होता है। इसका स्वभाव क्षिप्र (लघु) है, इसलिए मुहूर्त में यह शीघ्र होने वाले कार्य, यात्रा, व्यापार, विद्या आरंभ और औषधि सेवन के लिए चुना जाता है।
पुष्य राशिचक्र में 93°20' से 106°40' तक है, यानी पूरी तरह कर्क राशि में। इसका हर चरण 3°20' का है।
चरण 1: "हु" (नवांश सिंह); चरण 2: "हे" (नवांश कन्या); चरण 3: "हो" (नवांश तुला); चरण 4: "डा" (नवांश वृश्चिक)। पुष्य में जन्मे बच्चे का नाम परंपरागत रूप से उसके जन्म-चरण के अक्षर से रखा जाता है।
पुष्य का प्रतीक बाण है और इसकी योनि मेष (भेड़) है। योनि का उपयोग विवाह मिलान के योनि कूट में होता है। आयुर्वेदिक दोष पित्त है और पुरुषार्थ धर्म।

अन्य नक्षत्र (Lunar Mansions)

सभी 27 नक्षत्र देखें