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Punarvasu

2026 पुनर्वसु नक्षत्र

त्वरित जानकारी

स्वामी ग्रह
गुरु
देवता
अदिति
प्रतीक
घर
गण
मनुष्य
राशि
चरण 1–3 मिथुन में और चरण 4 कर्क में
चंद्रमा का अगला गोचर (नई दिल्ली)
शनि, 31 अक्टू॰ 2026, 7:12 am से रवि, 1 नव॰, 5:39 am तक

पुनर्वसु 27 नक्षत्रों में 7वां नक्षत्र है। यह राशिचक्र में 80°00' से 93°20' तक फैला है, यानी मिथुन और कर्क राशियों में। इसके देवता अदिति हैं और विंशोत्तरी दशा में इसका स्वामी ग्रह गुरु है।

पुनर्वसु मनुष्य गण का नक्षत्र है और इसका स्वभाव चर (चल) है। इसका प्रतीक घर है, योनि मार्जार (बिल्ली), दोष वात और पुरुषार्थ अर्थ है। इसके चार चरणों के नामाक्षर के, को, हा और ही हैं।

पुनर्वसु नक्षत्र - विभिन्न भाषाओं में नाम

नक्षत्र क्रमांक 7

देवनागरी
पुनर्वसु
खगोलीय नाम
Beta Geminorium
अंग्रेज़ी
Punarvasu
हिंदी / संस्कृत
Punarvasu
तमिल
Punarpoosam
तेलुगु
Punarvasu
सिंहली
Punawasa
गुजराती
Punarvashu
मलयालम
Punartham
मराठी
Punarvasu
कन्नड़
Punarvasu

पुनर्वसु नक्षत्र की विशेषताएं

विवरण अंग्रेज़ी में है

Meaning
Reestablished
Tara
4
Principal Star (Yogatara)
Pollux
Ruling Deity
Aditi (bright portion of universe)
Temperament
Moveable
Mannerism
Head -slant
Vision
Proper-sighted
Kulakula
Inheritable (Akula)
Class
Merchant
Sex
Male
Element
Water
Visha Portion (96 Minutes)
From 12 h 00 m
Amrita Portion (96 Minutes)
From 21 h 36m
Limb
Cheeks
Start
20 Ge 00
End
03 Cn 20
Degrees of Zodiac
80° 0' to 93° 20'
Vimshottari Lord
Jupiterऔर जानें
Ruling Deity (Vedic)
Aditi
Pada 1 Letter
के (Ke)
Pada 2 Letter
को (Ko)
Pada 3 Letter
हा (Haa)
Pada 4 Letter
ही (Hee)
Sacred Animal
Cat
Devata who connects with the Sacred Animal
Shashti Devi
Gender
Female
Friendly Animal
Nil
Opposing Animal
Dog
Nakshatra Doshas (Vata, Pitta, Kapha)
Vata
Purusharta (Dharma, Artha, Kama, Moksha)
Artha
Pada1 Purushartha
Dharma
Pada2 Purushartha
Artha
Pada3 Purushartha
Kama
Pada4 Purushartha
Moksha
Gana List
Manushya
Direction of Nakshatra
North
Primary
Rajas
Secondary
Sattva
Tertiary
Rajas
Sidereal Longitude of Yogataras
89°06'50"
Magnitude
1.14
Latitude
6°41'N
Declination
27°59'N
Special Group
A
Combustion
July 05 - July 19
Deep Combustion Dates
July 15 - July 16
Trade Items
Cotton, threads, silk, all fabrics, gold, silver, other precious metals
Months
2 months
Gotra of the Nakshatra
Kratu-One who Inspires
Bird
Hawk-cuckoo, Partridge, swan
Tree/Plant/Fruit
1. Bamboo 2. Bamboo 3. Babul (Gum arabic tree)
Botanical Name for Tree
1. Dendrocalamus strictus 2. Bambusa arundinaceae 3. Vachellia nilotica
Birth in Suklapaksha
Owl
Birth in Krishnapaksha
Cock
Vedic Names of the Nakshatras
Punarvasu
Vedanga Jyotisha short forms of Nak.
Soo
Srishti/Sthiti/Samhara
Srishti

2026 में पुनर्वसु नक्षत्र में चंद्रमा

नई दिल्ली (UTC+05:30) के लिए तिथियां — आपका स्थान मिलते ही आपके शहर की तिथियां दिखेंगी।

जनवरी 2026
फरवरी 2026
मार्च 2026
अप्रैल 2026
मई 2026
जून 2026
जुलाई 2026
अगस्त 2026
सितंबर 2026
अक्टूबर 2026
नवंबर 2026
दिसंबर 2026

पुनर्वसु नक्षत्र के बारे में अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पुनर्वसु नक्षत्र के देवता अदिति हैं। यह 27 नक्षत्रों में 7वां नक्षत्र है और इसमें 4 तारे गिने जाते हैं।
विंशोत्तरी दशा पद्धति में पुनर्वसु का स्वामी गुरु है। जिसके जन्म के समय चंद्रमा पुनर्वसु में हो, उसका जीवन गुरु की महादशा से आरंभ होता है, जिसकी पूरी अवधि 16 वर्ष है। जन्म के समय नक्षत्र का जितना भाग बीत चुका हो, पहली दशा उतनी ही छोटी हो जाती है।
पुनर्वसु मनुष्य गण का नक्षत्र है; मनुष्य गण के जातक संतुलित, व्यावहारिक और सांसारिक माने जाते हैं। विवाह मिलान के गण कूट में इसी का प्रयोग होता है। इसका स्वभाव चर (चल) है, इसलिए मुहूर्त में यह यात्रा, वाहन, स्थान परिवर्तन और बदलाव से जुड़े कार्य के लिए चुना जाता है।
पुनर्वसु राशिचक्र में 80°00' से 93°20' तक है, यानी मिथुन और कर्क राशियों में: चरण 1–3 मिथुन में और चरण 4 कर्क में। इसका हर चरण 3°20' का है।
चरण 1: "के" (नवांश मेष); चरण 2: "को" (नवांश वृषभ); चरण 3: "हा" (नवांश मिथुन); चरण 4: "ही" (नवांश कर्क)। पुनर्वसु में जन्मे बच्चे का नाम परंपरागत रूप से उसके जन्म-चरण के अक्षर से रखा जाता है।
पुनर्वसु का प्रतीक घर है और इसकी योनि मार्जार (बिल्ली) है। योनि का उपयोग विवाह मिलान के योनि कूट में होता है। आयुर्वेदिक दोष वात है और पुरुषार्थ अर्थ।

अन्य नक्षत्र (Lunar Mansions)

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