मुख्य सामग्री पर जाएँ
Yoga Panchang
लॉग इन करें

2026 विष्टि (भद्रा) करण

नई दिल्ली (UTC+05:30) के लिए तिथियां — आपका स्थान मिलते ही आपके शहर की तिथियां दिखेंगी।

Also known as Bhadra. Considered inauspicious — activities begun during this Karan are traditionally said to face obstacles. इस पृष्ठ पर 2026 में हर विष्टि (भद्रा) करण की सूची नई दिल्ली के लिए आरंभ और समाप्ति समय सहित दी गई है।

प्रकार: चर (गतिशील)
स्वभाव: अशुभ
आवृत्ति: ~8 बार / चंद्र मास

2026

जनवरी 2026
फरवरी 2026
मार्च 2026
अप्रैल 2026
अप्रैल 20261बुध
विष्टि (भद्रा) करणआरंभ: 7:07 AM, 1 अप्रैलसमाप्ति: 7:21 PM, 1 अप्रैल
अप्रैल 20264शनि
विष्टि (भद्रा) करणआरंभ: 11:02 PM, 4 अप्रैलसमाप्ति: 12:00 PM, 5 अप्रैल
अप्रैल 20268बुध
विष्टि (भद्रा) करणआरंभ: 7:02 PM, 8 अप्रैलसमाप्ति: 8:13 AM, 9 अप्रैल
अप्रैल 202612रवि
विष्टि (भद्रा) करणआरंभ: 1:04 PM, 12 अप्रैलसमाप्ति: 1:18 AM, 13 अप्रैल
अप्रैल 202615बुध
विष्टि (भद्रा) करणआरंभ: 10:32 PM, 15 अप्रैलसमाप्ति: 9:26 AM, 16 अप्रैल
अप्रैल 202620सोम
विष्टि (भद्रा) करणआरंभ: 5:50 PM, 20 अप्रैलसमाप्ति: 4:15 AM, 21 अप्रैल
अप्रैल 202623गुरु
विष्टि (भद्रा) करणआरंभ: 8:50 PM, 23 अप्रैलसमाप्ति: 8:02 AM, 24 अप्रैल
अप्रैल 202627सोम
विष्टि (भद्रा) करणआरंभ: 6:08 AM, 27 अप्रैलसमाप्ति: 6:17 PM, 27 अप्रैल
अप्रैल 202630गुरु
विष्टि (भद्रा) करणआरंभ: 9:13 PM, 30 अप्रैलसमाप्ति: 10:01 AM, 1 मई
मई 2026
जून 2026
जुलाई 2026
अगस्त 2026
अगस्त 20261शनि
विष्टि (भद्रा) करणआरंभ: 10:53 AM, 1 अगस्तसमाप्ति: 11:08 PM, 1 अगस्त
अगस्त 20264मंगल
विष्टि (भद्रा) करणआरंभ: 10:04 PM, 4 अगस्तसमाप्ति: 9:27 AM, 5 अगस्त
अगस्त 20268शनि
विष्टि (भद्रा) करणआरंभ: 3:21 AM, 8 अगस्तसमाप्ति: 2:00 PM, 8 अगस्त
अगस्त 202611मंगल
विष्टि (भद्रा) करणआरंभ: 4:55 AM, 11 अगस्तसमाप्ति: 3:23 PM, 11 अगस्त
अगस्त 202616रवि
विष्टि (भद्रा) करणआरंभ: 5:06 AM, 16 अगस्तसमाप्ति: 4:53 PM, 16 अगस्त
अगस्त 202619बुध
विष्टि (भद्रा) करणआरंभ: 7:20 PM, 19 अगस्तसमाप्ति: 8:16 AM, 20 अगस्त
अगस्त 202623रवि
विष्टि (भद्रा) करणआरंभ: 3:12 PM, 23 अगस्तसमाप्ति: 4:19 AM, 24 अगस्त
अगस्त 202627गुरु
विष्टि (भद्रा) करणआरंभ: 9:09 AM, 27 अगस्तसमाप्ति: 9:33 PM, 27 अगस्त
अगस्त 202630रवि
विष्टि (भद्रा) करणआरंभ: 9:18 PM, 30 अगस्तसमाप्ति: 8:52 AM, 31 अगस्त
सितंबर 2026
अक्टूबर 2026
अक्टूबर 20262शुक्र
विष्टि (भद्रा) करणआरंभ: 10:16 AM, 2 अक्टूबरसमाप्ति: 9:07 PM, 2 अक्टूबर
अक्टूबर 20265सोम
विष्टि (भद्रा) करणआरंभ: 3:00 PM, 5 अक्टूबरसमाप्ति: 2:08 AM, 6 अक्टूबर
अक्टूबर 20268गुरु
विष्टि (भद्रा) करणआरंभ: 10:16 PM, 8 अक्टूबरसमाप्ति: 9:54 AM, 9 अक्टूबर
अक्टूबर 202614बुध
विष्टि (भद्रा) करणआरंभ: 12:17 PM, 14 अक्टूबरसमाप्ति: 1:14 AM, 15 अक्टूबर
अक्टूबर 202618रवि
विष्टि (भद्रा) करणआरंभ: 8:29 AM, 18 अक्टूबरसमाप्ति: 9:43 PM, 18 अक्टूबर
अक्टूबर 202622गुरु
विष्टि (भद्रा) करणआरंभ: 2:36 AM, 22 अक्टूबरसमाप्ति: 2:49 PM, 22 अक्टूबर
अक्टूबर 202625रवि
विष्टि (भद्रा) करणआरंभ: 11:57 AM, 25 अक्टूबरसमाप्ति: 10:53 PM, 25 अक्टूबर
अक्टूबर 202628बुध
विष्टि (भद्रा) करणआरंभ: 2:37 PM, 28 अक्टूबरसमाप्ति: 1:07 AM, 29 अक्टूबर
अक्टूबर 202631शनि
विष्टि (भद्रा) करणआरंभ: 4:58 PM, 31 अक्टूबरसमाप्ति: 3:52 AM, 1 नवंबर
नवंबर 2026
दिसंबर 2026

विष्टि (भद्रा) करण के बारे में

प्रकार
चर (गतिशील)
आवृत्ति
प्रति चंद्र मास 8 बार
अधिष्ठाता देव
यम
स्वभाव
अशुभ

नाम का अर्थ: भद्रा नाम से अधिक प्रसिद्ध — शास्त्रों में एकमात्र वर्जित करण

विष्टि, जिसे व्यवहार में लगभग सदैव भद्रा कहा जाता है, सातवाँ चर करण है और चर समूह में एकमात्र अपवाद: यही वह करण है जिसे शास्त्रीय मुहूर्त निरंतर वर्जित बताता है। इसके अधिष्ठाता देवता यम हैं, और अन्य चर करणों की भाँति यह भी प्रति चंद्र मास आठ बार आता है।

भद्रा काल में शुभ कार्य — विवाह, गृह प्रवेश, व्यवसाय आरंभ, यात्रा प्रारंभ — परंपरागत रूप से स्थगित किए जाते हैं। यह निषेध इतना गंभीरता से लिया जाता है कि मुद्रित पंचांग भद्रा काल को स्पष्ट रूप से अंकित करते हैं, और रक्षाबंधन तथा होलिका दहन का समय सामान्यतः भद्रा के बाहर ही निर्धारित किया जाता है।

परंपरा भद्रा को पूर्णतः निष्क्रिय नहीं मानती; कुछ कार्य इसमें स्वीकार्य हैं: शल्य चिकित्सा और औषधीय हस्तक्षेप, वाद-विवाद और मुकदमे, तथा ऐसे कार्य जिनमें टकराव अपेक्षित हो — जहाँ इसका कठोर स्वभाव बाधक नहीं, उपयुक्त माना जाता है।

इस करण में उपयुक्त

  • शल्य चिकित्सा और उपचार
  • मुकदमा और विवाद का सामना
  • दृढ़ता अथवा निष्कासन अपेक्षित कार्य

इस करण में वर्जित

  • विवाह और सगाई
  • गृह प्रवेश
  • व्यवसाय अथवा नए उद्यम का आरंभ
  • यात्रा प्रारंभ
  • सामान्यतः सभी मांगलिक कार्य

विष्टि (भद्रा) करण के बारे में अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दोनों एक ही हैं। विष्टि सातवें चर करण का शास्त्रीय नाम है; भद्रा वह नाम है जो व्यवहार में और मुद्रित पंचांगों में लगभग सर्वत्र प्रयुक्त होता है। जब पंचांग "भद्रा" लिखता है, तो वह विष्टि करण काल को ही दर्शा रहा होता है।